10 वर्षीय छोटी बहन ने इसी मकान में दरवाजा बंद कर फांसी लगा ली
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आत्महत्या करने वाली बच्ची सेक्टर-33 के एक निजी स्कूल में पांचवीं कक्षा में पढ़ती थी। बड़ी बहन भी इसी स्कूल में सातवीं कक्षा में पढ़ रही थी। दोनों दोपहर की पाली में पढ़ाई करती हैं। इस वजह से सुबह के वक्त दोनों घर पर थीं।
पड़ोसियों के अनुसार छोटी बहन जो चैनल देखना चाहती थी, बड़ी बहन बार-बार वह चैनल बदल रही थी। इससे छोटी बहन नाराज होकर रिमोट लेकर अंदर वाले कमरे में चली गई। जाने से पहले उसने अपनी बड़ी बहन से कहा था कि अब वह एक ही चैनल देख सकती है।
परिजन ने पुलिस को बताया खेल-खेल में हुआ हादसा
बच्ची की मौत से परिजन बेहद दुखी है। उन्होंने मीडिया से बात करने से इंकार कर दिया। हालांकि, परिवार ने पुलिस को बताया कि दोनों बहनों के खेलने के दौरान खेल-खेल में ये हादसा हुआ है। मामले में परिजन ने पुलिस को कोई शिकायत नहीं दी है।
पहले भी टीवी देखने के लिए बच्चे ने लगाई थी फांसी
19 जून 2017 को भी टीवी देखने से मना करने पर सदरपुर गांव में 10 वर्षीय बच्चे ओम प्रकाश ने फांसी लगा खुदकुशी कर ली थी। ओम भी उस वक्त घर में अकेला था और उसके माता-पिता ड्यूटी पर गए थे। दोपहर को मां बच्चों को खाना खिलाने आई थी। खाना खाने के बाद ओम टीवी देखने लगा। मां ने उसे टीवी देखने की जगह पढ़ाई करने को कहा।
इसके बाद मां ने टीवी के रिमोट का सेल निकालकर उसकी छोटी बहन को दिया पड़ोसी रिश्तेदार के घर पढ़ने को भेज दिया था। इसके मां दोबारा काम पर चली गईं। ओम घर में अकेला था। कुछ देर बाद उसकी बहन रिमोट का सेल देने घर लौटी तो भाई को पंखे से लटका देखा।
मनोचिकित्सक डॉ. आरके बंसल के अनुसार 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों को घर में ज्यादातर अकेला छोड़ना सही नहीं होता है। इस उम्र में बच्चों को सही-गलत की पहचान नहीं होती, लेकिन नई चीजें जानने या सीखने की ललक बहुत होती है। इसलिए इस उम्र तक बच्चों पर ज्यादा नजर रखने की जरूरत होती है।
14 वर्ष की आयु तक बच्चों का मन बहुत कोमल होता है। परिपक्वता के अभाव में जरा सी बात भी उनके मन को गहरा ठेस पहुंचा सकती है। ऐसे में बच्चों को बहुत समझाकर और प्यार से ध्यान देना चाहिए।