नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो के ताजा आंकड़ों को देखें तो 2024 में दिल्ली में विदेशियों के खिलाफ 201 एफआईआर दर्ज कर उनको गिरफ्तार किया, जबकि 2023 में यह आंकड़ा महज 130 पर था। इसमें बढ़ोतरी देखी गई है
अपराध के मामले में विदेशी भी पीछे नहीं हैं। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो के ताजा आंकड़ों को देखें तो 2024 में दिल्ली में विदेशियों के खिलाफ 201 एफआईआर दर्ज कर उनको गिरफ्तार किया, जबकि 2023 में यह आंकड़ा महज 130 पर था। इसमें बढ़ोतरी देखी गई है। आंकड़ों पर गौर करें तो केंद्र शासित प्रदेशों में राष्ट्रीय राजधानी में ऐसे मामलों की संख्या सबसे ज्यादा है। लगातार विदेशी मादक पदार्थ की तस्करी में शामिल रहे हैं।
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एनसीआरबी के डाटा के मुताबिक 2022 में दिल्ली में विदेशी नागरिकों से जुड़े 256 मामले सामने आए थे। 2023 में यह आंकड़ा तेजी से गिरा। इसके बाद दोबारा 2024 में यह फिर से बढ़ गया। आंकड़ों के प्रतिशत को देखें तो साल-दर-साल इसमें 54 फीसदी से ज़्यादा की बढ़ोतरी हुई है।
वहीं इन मामलों में वर्ष 2024 में दिल्ली में चार्जशीट दाखिल करने की दर 99 प्रतिशत रही। यह राष्ट्रीय औसत 96.7 प्रतिशत से ज्यादा है। इससे पता चलता है कि ऐसे मामलों में पुलिस जांच पूरी होने की दर काफी ज्यादा है। दूसरी ओर एनसीआरबी के डाटा के मुताबिक पूरे देश में 2024 में विदेशियों द्वारा किए अपराधों के 2,792 मामले दर्ज किए गए जो 2023 में 2,546 और 2022 में 2,100 मामले थे।
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दूसरी ओर देश के राज्यों में पश्चिम बंगाल में ऐसे मामलों की संख्या सबसे ज्यादा 992 दर्ज की गई। इसके बाद महाराष्ट्र में 386 और त्रिपुरा में 276 मामले दर्ज किए गए। वहीं तमिलनाडु में ऐसे मामलों की संख्या 139 रही।