गौरतलब है कि नौ अगस्त को अतुल कटियार के एसबीआई क्रेडिट कार्ड से दस हजार रुपए फोनपे प्राइवेट लिमिटेड और 18,150 रुपए इंस्टामोजो के जरिए निकले। ये दोनों रकम सुबह महज चार मिनट के अंतराल में उनके बैंक खाते से निकल गई। उस वक्त वह पुलिस हेडक्वार्टर में अपने ऑफिस में बैठे हुए थे। फोन पर रकम ट्रांजेक्शन के दो मैसेज देखते ही उन्होंने फौरन अपने कार्ड को ब्लॉक करवा दिया।
मामले की जांच में यह बात सामने आई है कि इस धोखाधड़ी से एक दिन पहले संयुक्त आयुक्त के पास मोबाइल पर बैंक की ओर से एक संदेश आया था। जिसमें बताया गया था कि क्रेडिट कार्ड में बोनस ले सकते हैं, वरना वह खत्म हो जाएगा।
इसी मैसेज में एक लिंक भी भेजा गया था ताकि बोनस प्वाइंट ले सकें। इस लिंक में कुछ जानकारी भरनी थी। यह काम संयुक्त कमिश्नर ने अपने एक स्टाफ को दे दी और इसके अगले दिन ही धोखाधड़ी की घटना हो गई।