राजधानी में दीवाली करीब आने के साथ ही बाजारों में रौनक दिख रही है तो पटाखों को लेकर व्यापारी काफी परेशान हैं। पिछले वर्ष प्रतिबंध लगने से अबकी बार व्यापारियों ने नया भंडारण भी नहीं किया था। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के दिल्ली में केवल ग्रीन पटाखे बेचने के आदेश से व्यापारियों में असमंजस है। इससे व्यापारियों को करोड़ों रुपये के नुकसान का अनुमान है।
दिल्ली के लक्ष्मी नगर और रोहिणी जैसे इलाकों में तो पटाखों की बिक्री ब्लैक में हो रही है। यहां आमतौर पर पांच रुपये में मिलने वाली चटाई अब 25 से 30 रुपये में मिल रही है। फुलझड़ी से लेकर अनार बम तक की कीमतों में तेजी है, लेकिन बेचने वाला इनके चलने की गारंटी देने को तैयार नहीं।
दिल्ली के सदर बाजार मार्केट में कई वर्ष से पटाखा कारोबार करने वाले एक व्यापारी ने बताया कि नया माल न आने से बाजार में पुराना स्टॉक ही बिक रहा है। ऐसे में पटाखों की गुणवत्ता पर सवाल उठना लाजमी है। सीलन के कारण पटाखे खराब हो जाते हैं। कई बार जलने के वक्त ये धोखा भी देते हैं। स्थिति यह है कि 10 रुपये का बम 30 में खरीदने के बाद भी उसके चलने की गारंटी कोई नहीं ले रहा। ब्रांडेड पटाखों के साथ भी कुछ इसी तरह का हाल बताया जा रहा है।
लक्ष्मी नगर के पटाखा कारोबारी महेश श्रीराम का कहना है कि हर वर्ष वे ब्रांडेड पटाखों की बिक्री करते थे, लेकिन इस बार उन्होंने इसे बंद कर दिया है। वे अपनी दुकान पर गिफ्ट ही बेच रहे हैं। उनका कहना है कि पटाखों की वजह से पिछली बार ही उन्हें करोड़ों रुपये का घाटा हुआ था। इसलिए वे दोबारा इस धंधे में नहीं उतरना चाहते।