सीपीसीबी का दावा- सभी मॉनिटरिंग स्टेशन ऑटोमेटेड, डेटा में मानवीय हस्तक्षेप की गुंजाइश नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने दिल्ली की वायु गुणवत्ता के आंकड़ों में छेड़छाड़ के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। बोर्ड का कहना है कि सभी वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशन पूरी तरह ऑटोमेटेड हैं, इसलिए डेटा कलेक्शन या कैलकुलेशन में इंसानी दखल संभव नहीं है न इसकी कोई गुंजाइश है।
सीपीसीबी के निदेशक वीर विक्रम यादव के अनुसार, ये स्टेशन हर 15 मिनट में डेटा रिकॉर्ड करते हैं और हर घंटे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) की गणना होती है। उन्होंने बताया कि दिल्ली में 39 मॉनिटरिंग स्टेशन मौजूद हैं, जो किसी भी देश के अन्य शहर की तुलना में सबसे अधिक हैं और इनकी लोकेशन वैज्ञानिक अध्ययन के आधार पर तय की गई है।
हाल के दिनों में आरोप लगाए गए थे कि प्रदूषण की वास्तविक रीडिंग कम दिखाने के लिए मॉनिटरिंग स्टेशनों के आसपास पानी का छिड़काव कराया गया और कुछ स्टेशन विशेष समय पर बंद भी किए गए। आम आदमी पार्टी और कुछ नेताओं ने दावा किया था कि इससे असली एक्यूआई छिपाया जा रहा है। सीपीसीबी ने इन सभी आरोपों को निराधार बताया है।