फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिल्ली : कोरोना संक्रमित पत्रकार ने एम्स की चौथी मंजिल से कूदकर की आत्महत्या, स्वास्थ्य मंत्री ने दिए आधिकारिक जांच के आदेश 

Mon, 06 Jul 2020 04:08 PM IST
Mohit Mudgal न्यूज डेस्क,अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
एम्स दिल्ली - फोटो : फाइल फोटो
विज्ञापन

कोरोना संक्रमित पत्रकार ने सोमवार दोपहर को एम्स के ट्रॉमा सेंटर की चौथी मंजिल से कूदकर खुदकुशी कर ली। सफदरजंग एंक्लेव थाना पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवा दिया है। पत्रकार की मौत को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की बातें वायरल हो रही हैं। इनमें एम्स प्रशासन पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है।

विज्ञापन


दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, तरुण सिसोदिया (37) परिवार के साथ भजनपुरा में रहता था। परिवार में पत्नी व दो छोटी बेटियां हैं। कोरोना संक्रमित हिंदी समाचार पत्र में पत्रकार था। वह 24 जून से एम्स के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती था।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पत्रकार सोमवार दोपहर को चौथी मंजिल पर टीसी-1 वार्ड से भागने लगा। नर्सिंग अर्दली पकड़ने के लिए उसके पीछे भागे। वह पकड़ पाते, उससे पहले ही उसने शीशा तोड़ा और चौथी मंजिल से कूद गया। लहूलुहान अवस्था में पत्रकार को आपातकालीन वार्ड में भर्ती कराया गया, जहां मौत हो गई। सफदरजंग एंक्लेव थाना पुलिस जांच कर रही है। 
विज्ञापन


केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने मामले में कहा कि मैंने एम्स निदेशक को तुरंत इस घटना की आधिकारिक जांच करने का आदेश दिया जिसके बाद उन्होंने उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया। यह समिति 48 घंटों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। 

खुदकुशी से पहले पड़ोसी को मैसेज किया
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पत्रकार ने खुदकुशी करने से पहले पड़ोस में रहने वाले एक युवक को मैसेज किया था। मैसेज में लिखा था कि ये उसका अंतिम संदेश है। हालांकि तीन दिन पहले उसने अपने एक दोस्त को मैसेज कर हत्या की आशंका जताई थी और बताया था कि यहां मरीजों को कोई भी इंजेक्शन लगाया जा रहा है। 

मनोचिकित्सक से इलाज चल रहा था : एम्स
एम्स की प्रोफेसर डॉ. आरती विज की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि पत्रकार की तबियत ठीक हो रही थी और आईसीयू से वार्ड में शिफ्ट करने जा रहे थे। उसका जीबी पंत अस्पताल में ब्रेन ट्यूमर का ऑपरेशन हुआ था। उन्हें भ्रम की भी स्थिति थी। उसका मनोचिकित्सक से इलाज चल रहा था। उसकी हालत के बारे में परिवार को समय-समय पर बताया जा रहा था। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें