केन्द्रीय पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य पालन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार भारत हर रोज 25 करोड़ अंडे और 1.3 करोड़ मुर्गे-मुर्गियों का उत्पादन करता है। दो महीने में 1500 करोड़ अंडों की कीमत प्रति अंडा चार रुपये मानें तो यह 6000 करोड़ होती है, इसी तरह ब्रायलर (मांस का उत्पादन) को देखें तो 1.3 करोड़ पक्षियों का हर रोज उत्पादन होने से दो महीनों में कुल 156 करोड़ किलोग्राम मांस तैयार होता है, जिसकी कीमत 100 रुपये प्रति किलो के हिसाब से 15,600 करोड़ रुपये होती है। इस तरह से कुल 21,600 करोड़ का नुकसान तो सीधे तौर पर दिखता है।
कर्ज में दो साल को रियायत दी जाए
पोल्ट्री फेडरेशन ऑफ इंडिया ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को चिट्ठी लिख कर कई सहूलियतें मांगी हैं। पोल्ट्री फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष रमेश खत्री ने बताया, हमने मांग की है कि लोन में दो साल का मोरेटोरियम दिया जाए, प्रति मुर्गा 100 रुपये की मदद दी जाए और पहले दो साल में ब्याज न लिया जाए, तभी पोल्ट्री इंडस्ट्री को बचाया जा सकता है। यूपी पोल्ट्री फार्मर एसोसिएशन के अध्यक्ष अली अकबर कहते हैं, हमारी सरकार से मांग है कि मुर्गी पालन में लगे किसानों को कृषि रेट पर बिजली दी जाए।
जैसे सब्जी बिक रही, वैसे ही पोल्ट्री उत्पाद भी बिकवाए सरकार
रमेश खत्री कहते हैं, पॉल्ट्री उद्योग की क्षमता जीरो हो गई है, अभी कई जगहों पर मुर्गा फ्री में उठवाया गया। दुकानें बंद हैं, और पुलिस खोलने नहीं दे रही। सरकार जैसे शहरों में सब्जी बिकवा रही है, वैसे ही चिकन की दुकानें भी खुलवाए।