उत्तरी दिल्ली नगर निगम का सबसे बड़ा हिंदूराव अस्पताल शुक्रवार को कोविड अस्पताल के रूप में शुरू नहीं हो सका। वहीं, अपनी मांगों को लेकर नर्सिंग कर्मचारियों ने भी शुक्रवार को अस्पताल में धरना प्रदर्शन किया। हालांकि, उम्मीद जताई जा रही है कि शनिवार से अस्पताल कोरोना अस्पताल के रूप में शुरू हो सकेगा।
दरअसल, हिंदूराव अस्पताल को शुक्रवार से कोविड अस्पताल के रूप में शुरू होना था। इसके लिए अस्पताल को पहले भी निर्देश दिए गए थे, लेकिन संसाधनों की कमी की वजह से अस्पताल शुरू नहीं हो सका था। इसके लिए अस्पताल ने 10 दिन का समय मांगा था, लेकिन शुक्रवार को भी संसाधन की कमी एक बार फिर आड़े आ गई। इस संबंध में नर्सिंग कर्मचारियों का कहना है पिछले दो महीने से वेतन नहीं मिला है।
सभी कर्मचारियों को 12 घंटे तक पीपीई सूट पहनकर काम करने के लिए कहा कहा जा रहा है। ऐसे में हम कुछ खा-पी नहीं सकेंगे। डॉक्टरों का कहना है कि 12 घंटे तक काम कराया जाना ठीक नहीं है। वहीं, हम सभी के रुकने के लिए भी व्यवस्था नहीं की गई है। नर्सिंग कर्मचारियों का कहना है कि 12 घंटे की जगह अस्पताल के कर्मचारियों से केवल छह घंटे ड्यूटी लगाई जानी चाहिए।
हिंदूराव अस्पताल 943 बेड की क्षमता के साथ उत्तरी दिल्ली नगर निगम का सबसे बड़ा अस्पताल है। इसके साथ ही यहां पर 17 वेंटिलेटर, आठ आईसीयू और चार एचडीयू बेड हैं। वहीं, करीब 250 बेड पर ऑक्सीजन की सुविधा है। इससे पहले दिल्ली सरकार ने 1500 बिस्तर वाले जीटीबी अस्पताल, दो हजार तक वाले लोकनायक अस्पताल और करीब 1000 बेड की क्षमता वाले झज्जर से एम्स के ट्रामा सेंटर को कोरोना अस्पताल घोषित कर रखा है।