सफदरजंग में भी उसकी कोरोना जांच नहीं की गई। कुछ ही दिनों में उसे तेज बुखार हो गया। तबीयत और बिगड़ने पर वह दो अप्रैल को दोबारा सफदरजंग अस्पताल गया। लेकिन 10 अप्रैल को तीसरी बार अस्पताल जाने पर उसने डॉक्टरों को खुलकर बताया कि उसका सर्दी-जुकाम और बुखार बहुत अधिक बढ़ गया है।
इसपर उसे कोरोना जांच के लिए राम मनोहर लोहिया अस्पताल जाने को कहा गया। उसे पहले दिलशाद गार्डेन स्थित राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया और फिर रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर मंडावली में क्वारंटीन कर दिया गया है।
युवक ने बताया कि उसे अभी भी खांसी होती है, लेकिन पहले से बेहतर है। उसने बताया कि ठीक होने के बाद वह अपने परिवार के पास वापस गांव जाना चाहता है।