लोकसभा चुनाव में करारी हार मिलने के बाद अब कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी की मुश्किलें एक और मामले में बढ़ गई हैं।
कुछ साल पहले बंद हो चुके नेशनल हेराल्ड नामक अखबार के फंड का गलत इस्तेमाल करने के आरोप में कोर्ट ने उन्हें 7 अगस्त को पेश होने का आदेश दिया है।
कोर्ट की ओर से जारी समन में सोनिया-राहुल के अलावा सैम पित्रोदा, सुमन दुबे, मोतीलाल वोहरा और ऑस्कर फर्नांडीज का भी नाम शामिल है।
कंपनी के डायरेक्टर हैं सोनिया राहुल
मेटोपॉलिटन जज गोमती मनोचा ने समन जारी करते हुए कहा कि सभी आरोपियों के खिलाफ प्रथम दृष्टया कई साक्ष्य मिले हैं।
बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने कांग्रेस नेताओं को यंग इडियन नाम की निजी कंपनी के जरिए अखबार की संपत्ति का अधिग्रहण करने के मामले में कोर्ट में खींचा था। इस कंपनी के डायरेक्टर सोनिया और राहुल गांधी हैं, जो 76 फीसदी शेयर धारक हैं।
बाकी के शेयर कांग्रेस नेता मोतीलाल वोहरा और ऑस्कर फर्नांडीज के नाम हैं।
नेहरू ने शुरू किया था अखबार
बता दें कि नेशनल हेराल्ड अखबार साल 1938 में भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की ओर से शुरू किया गया था। यह साल 2008 में बंद कर दिया गया।
अदालत में दायर याचिका में स्वामी ने आरोप लगाया था कि इन सभी नेताओं ने अखबार के अधिग्रहण के लिए यंग इंडियन को ब्याज रहित लोन दिया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी ने आरोपियों को अखबार की लगभग 500 करोड़ की संपत्ति हड़पने की खुली छूट दी। इसमें से 90 करोड़ रुपए आल इडिया कांग्रेस कमेटी के नाम किया गया। स्वामी ने यह भी बताया कि जो भी सबूत उन्होंने पेश किए है वह कंपनी के रजिस्ट्रार की ओर से सत्यापित हैं।
'स्वामी की पहचान है एंटी कांग्रेसी'
हालांकि इस मामले में कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि कोर्ट की ओर से अब तक कोई भी समन नहीं मिला है। अगर समन आता है तो उस पर उचित जवाब दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सुब्रमण्यम स्वामी एंटी कांग्रेसी गतिविधियों के लिए ही जाने जाते हैं। बिना किसी आधार के लगाए जा रहे आरोपों का कड़ाई से जवाब दिया जाएगा।