साल साल के प्रद्युम्न की गला काट कर हत्या के मामले में गिरफ्तार कंडक्टर अशोक, रायन स्कूल के रीजनल हेड फ्रांसिस थॉमस और एचआर हेड जॉयस थॉमस की आज गुरुग्राम के पॉक्सो कोर्ट नंबर 6 में पेशी हुई। इस मामले में अदालत ने तीनों को 29 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
अदालत ने वहां के एसीपी को इस केस के विषय में अधूरे दस्तावेज पेश करने के कारण फटकारा है। साथ ही कोर्ट ने उनसे यह कहा कि पूरे दस्तावेज के साथ रिपोर्ट पेश करें।
तो वहीं दूसरी ओर रायन इंटरनेशनल स्कूल के अधिकारी फ्रांसिस थॉमस और जॉयस थॉमस ने अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि उनका काम स्कूल से संबंधित डॉक्यूमेंटेशन करना है।
पुलिस अब कोई फजीहत नहीं कराना चाहती
प्रद्युम्न हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
इस हत्या में उनका हाथ नहीं है, न ही कोई लेना-देना है। प्रद्युम्न हत्याकांड का मुख्य आरोपी अशोक कुमार ने अदालत में बयान दिया कि हिरासत के दौरान उसे शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया है।
बता दें कि तीनों आरोपियों को सोहना कोर्ट ने सोमवार तक न्यायिक हिरासत में भोंडसी जेल भेज दिया था। इसी के साथ अब नए सिरे से आज गुरुग्राम की कोर्ट में सुनवाई शुरू हुई।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक तीनों को कोर्ट में पेशकर फिर से रिमांड पर लेना चाहती थी। दरअसल इस मामले में सरकार ने सीबीआई जांच के आदेश दिए हैं। अपनी थ्योरी में उलझी पुलिस अब कोई फजीहत नहीं कराना चाहती है।
प्रद्युम्न हत्याकांड
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पुलिस की थ्योरी के इतर सीबीआई भी जांच करेगी। ऐसे में अगर कुछ अलग होता है तो गुरुग्राम पुलिस की किरकिरी होगी। इसे देखते हुए पुलिस आरोपी अशोक को फिर से रिमांड पर लेकर पूछताछ करना चाहती है।
कुछ और सबूत के साथ बयान का क्रॉस वेरीफिकेशन भी करना चाहती है। वहीं, इस मामले में जेल में बंद रायन इंटरनेशनल स्कूल के शीर्ष अधिकारी रीजनल हेड फ्रांसिस थॉमस और एचआर हेड जेयस थॉमस को भी सोमवार को कोर्ट में पेश किया गया। इन दोनों को पुलिस रिमांड पर लेकर और जांच करना चाहती थी।
एसआईटी ने रविवार को भी स्कूल का दौरा किया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक ड्राइवर सौरभ राघव के बयान पर स्कूल बस का फुटेज कब्जे में ले लिया है। इसमें दो सीसीटीवी के डीवीआर शामिल है। पुलिस इस बात पर ध्यान फोकस कर रही है आखिर चाकू कहां से आया? इस मामले में पुलिस ने बस के पीछे लगे सीसीटीवी को कब्जे में लेकर खंगालना शुरू कर दिया है।