एंट्रिक्स कॉर्पोरेशन और देवास मल्टीमीडिया प्राइवेट लिमिटेड के बीच हुए सैटेलाइट समझौते से जुड़ा है मामला
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। एंट्रिक्स-देवास सैटेलाइट डील से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट ने सीबीआई का आरोप पत्र लौटा दिया है। कोर्ट ने सीबीआई की ओर से 2016 में दाखिल चार्जशीट को क्षेत्राधिकार की कमी बताते हुए जांच एजेंसी को लौटा दिया है। यह फैसला लगभग 10 साल बाद आया है, जिससे सुनवाई में और विलंब की आशंका बढ़ गई है।
स्पेशल सीबीआई जज अतुल कृष्ण अग्रवाल ने आरोपी वीणा एस राव की अर्जी मंजूर करते हुए चार्जशीट लौटाई। अदालत ने माना कि अपराध के मुख्य घटक, जैसे साजिश, भ्रष्टाचार और अनुचित लाभ, बेंगलुरु में हुए थे, न कि दिल्ली में। इसलिए दिल्ली की अदालत के पास मामले की सुनवाई का क्षेत्राधिकार नहीं है। हालांकि, कोर्ट ने सीबीआई को छूट दी है कि वह चार्जशीट को बेंगलुरु की सक्षम स्पेशल अदालत में दोबारा दाखिल कर सकती है।
2005 का है मामला
यह मामला 2005 में इसरो की कॉमर्शियल शाखा एंट्रिक्स कॉर्पोरेशन और देवास मल्टीमीडिया प्राइवेट लिमिटेड के बीच हुए सैटेलाइट समझौते से जुड़ा है। 2011 में केंद्र सरकार ने यह डील रद्द कर दी थी, जिसमें स्पेक्ट्रम आवंटन में धोखाधड़ी और सरकारी नुकसान (लगभग 578 करोड़ रुपये) का आरोप लगा था। सीबीआई ने 2015 में एफआईआर दर्ज की और 2016 में पूर्व इसरो अधिकारियों समेत कई लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।