महिला डॉक्टर अपने व आरोपी केे बीच शारीरिक संबंधों को समझने के लिए परिपक्व थी। जिला अदालत ने यह टिप्पणी डॉक्टर से दुष्कर्म व धमकी देने के मामले में आरोपी को बरी करते हुए की। मामला दक्षिण पूर्वी दिल्ली का है।
साकेत जिला अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संजीव जैन ने आरोपी फरमान खालिद को दुष्कर्म व धमकी के आरोपों से बरी करते हुए कहा कि केस के तथ्य व हालात से साफ है पीड़िता व आरोपी के बीच संबंध सहमतिपूर्ण थे।
इसकी सहमति पीड़िता ने बिना किसी गलतफहमी से दी थी। उन दोनों के बीच क्या हो रहा था, यह समझने के लिए वह पूरी तरह परिपक्व थी। अदालत ने इस बात पर गौर किया कि दोनों की मुलाकात एक मैट्रीमोनियल साइट के माध्यम से हुई थी। दोनों ने शादी के इरादे से एक-दूसरे के परिवार से मुलाकात की थी।
महिला डॉक्टर के परिजनों को यह रिश्ता मंजूर था, जबकि आरोपी की मां को यह स्वीकार नहीं था। आरोपी में पीड़िता की जबरदस्त दिलचस्पी थी और वह जानती थी कि आरोपी की मां की आपत्ति के कारण उनकी शादी होना तय नहीं है।