अदालत ने नौकरानी हत्याकांड में आरोपी बसपा सांसद धनंजय सिंह और उनकी पत्नी जागृति सिंह को जमानत देने से इनकार कर दिया है। अदालत ने कहा कि मामले की जांच विचाराधीन है और यदि उन्हें जमानत दी गई तो वे गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं।
पटियाला हाउस स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश लोकेश कुमार शर्मा ने अभियोजन पक्ष के तर्क स्वीकार करते हुए कहा कि आरोपी काफी प्रभावशाली हैं। वर्तमान परिस्थितियों में उन्हें जमानत दी जाती है तो वे जांच को प्रभावित कर सकते हैं।
पढ़ें: सांसद धनंजय सिंह का होगा पोटेंसी टेस्ट
इससे पूर्व बचाव पक्ष के अधिवक्ता एसपीएम त्रिपाठी ने तर्क रखा कि पुलिस इस मामले में आरोप पत्र दायर कर चुकी है और जांच पूरी हो चुकी है। ऐसे में उनके मुवक्किलों को जेल में रखने का कोई औचित्य नहीं है। उन्हें जमानत दी जाए।
सरकारी वकील ने जमानत पर आपत्ति जताते हुए कहा कि अभी आरोपियों के खिलाफ अभियोग तय करने के अलावा गवाहों के बयान दर्ज करवाने हैं। यदि आरोपियों को जमानत दी गई तो वे गवाहों व पीड़ितों को प्रभावित करने के साथ-साथ साक्ष्यों को भी नष्ट कर सकते हैं।
अभियोग पर सुनवाई टली
शनिवार को इस मामले में अभियोग निर्धारित करने के मुद्दे पर सुनवाई तय थी। पुलिस ने कहा कि मामले में मृतका की विसरा रिपोर्ट और फोरेंसिक साक्ष्य आने के बाद अतिरिक्त आरोप पत्र भी दायर किया जाएगा। बचाव पक्ष ने ऐसे हालत में जिरह से इनकार करते हुए कहा कि अतिरिक्त आरोप पत्र दायर होने के बाद ही जिरह शुरू करेगें। आखिर अदालत ने मामले की सुनवाई 21 मार्च तय कर दी।