हाईकोर्ट ने राजधानी में दशहरे पर जलाई जाने वाले रावण व अन्य पुतलों की अधिकतम सीमा तय करने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि इस पर केंद्र सरकार ही नीति बना सकती है।
मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल व न्यायमूर्ति सी. हरि शंकर की खंडपीठ ने याचिका को खारिज करते हुए कहा कि दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद इस पर सुनवाई व निर्देश देने का कोई कारण नजर नहीं आता।
खंडपीठ ने कहा कि इस संबंध में नीति बनाने के लिए सरकार स्वतंत्र है। इसके लिए सरकार को निर्देश देने का कोई कारण नहीं है। याचिका दायर कर कृत्यानंद कुमार राय ने दशहरे पर जलाए जाने वाले रावण व अन्य पुतलों की अधिकतम संख्या तय करने के लिए नीति बनाने का निर्देश देने की मांग की थी। याची का कहना था कि लोगों की सेहत व सुरक्षा के मद्देनजर इन पुतलों की संख्या सीमित करना बेहद जरूरी है।