मनी लांड्रिंग मामले में दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने रॉबर्ट वाड्रा से पूछताछ पर रोक लगाने से इनकार करते हुए मंगलवार सुबह ईडी की जांच में शामिल होने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने ईडी को उन दस्तावेज की प्रति पांच दिन में वाड्रा को सौंपने को कहा है, जो छापेमारी में जब्त किए गए थे।
अदालत के विशेष सीबीआई जज अरविंद कुमार ने वाड्रा के आवेदन पर सुनवाई के बाद दस्तावेज की कॉपी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। कोर्ट के समक्ष वाड्रा की ओर से वरिष्ठ वकील केटीएस तुलसी व ईडी के विशेष वकील डीपी सिंह के बीच जमकर बहस हुई। तुलसी ने कहा कि जो दस्तावेज हार्ड डिस्क में दिए गए हैं, उनमें से कई खुल नहीं रहे हैं। इसलिए यह दस्तावेज दोबारा कॉपी कर दिए जाएं।
डीपी सिंह ने कहा यह सब जांच को बाधित करने की कोशिश है, क्योंकि सभी दस्तावेज की प्रति दी जा चुकी है। ये मीडिया व फेसबुक पर जानकारी लीक करते हैं। इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए तुलसी ने कहा कि खुद एजेंसी पूछताछ की जानकारी लीक करती है, क्योंकि इन्हें चुनाव की चिंता है। ईडी का आरोप है कि लंदन में 12 ब्रायंस्टन स्क्वायर में 19 लाख पौंड की संपत्ति रॉबर्ट वाड्रा की है और इसकी खरीद के लिए फंड की व्यवस्था मनोज अरोड़ा ने की थी।