साकेत कोर्ट ने जापानी डिजाइनर लाइफ स्टाइल ब्रांड मिनिसो को कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान पट्टे पर ली गई संपत्ति का किराया नहीं देने पर फटकार लगाई है। कोर्ट ने कंपनी को किराये का भुगतान करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है। आदेश देते हुए कोर्ट ने कहा कि कंपनी के पास रुपयों की कोई कमी नहीं है, फिर भी किराए नहीं दिया गया।
जिला न्यायाधीश राज कुमार चैहान ने अपने अंतरिम आदेश में कहा कि मिनिसो लाइफ स्टाइल प्राइवेट लिमिटेड के पास रुपयों की कोई कमी नहीं है। कंपनी दिल्ली में किराए पर लिए गए ऐसे लगभग 10 परिसरों में सफलतापूर्वक अपने कारोबार का संचालन कर रही है। कोर्ट ने मिनिसो को निर्देश दिया कि वह दक्षिणी दिल्ली के ग्रेटर कैलाश इलाके में किराए पर ली गई संपत्ति के लिए याचिकाकर्ताओं उमा शर्मा, वरुण प्रकाश और पुनीत प्रकाश को एक सप्ताह में किराए का भुगतान करे।
यह आदेश कोर्ट ने छह अगस्त को दिया। इस आदेश में कोर्ट कंपनी को निर्देश दिया कि वह सात दिनों के भीतर लॉकडाउन की अवधि के साथ ही लॉकडाउन के बाद की अवधि के किराए का भी भुगतान करे। इसके साथ ही कोर्ट ने कहा कि अगर यह भुगतान नहीं किया जाता तो याचिकाकर्ता कंपनी के खिलाफ कानून के आवश्यक कार्रवाई कर सकते हैं।
कोर्ट ने इस बात पर भी गौर किया कि उमा शर्मा एक वरिष्ठ नागरिक हैं और किराए से मिलने वाली रकम ही उनकी और उनके दोनों बेटों की आय का स्रोत है। शर्मा और उनके बेटे वरुण ने अपनी याचिका में दावा किया है कि पट्टे पर दी गई संपत्ति का मासिक किराया 9,75,000 रुपए और कर है, जिसपर तीनों याचिकाकर्ताओं का समान हक है।