दिल्ली के कमला नगर इलाके के रूप नगर में स्कूल के पास बार का लाइसेंस प्रदान करने के मामले को हाईकोर्ट ने गंभीरता से लिया है। बुधवार को अदालत ने दिल्ली सरकार, नार्थ एमसीडी सहित चार को नोटिस जारी करके जवाब तलब किया है।
न्यायमूर्ति बीडी अहमद व न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल की खंडपीठ ने सरकार व एमसीडी के अलावा मैसर्स ब्रोम्फी पब्लिक हाउस और मैसर्स अर्बन हब को नोटिस जारी किया है।
खंडपीठ कमला नगर निवासी नवल किशोर की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही है। याची के अधिवक्ता शिव चरण गर्ग ने खंडपीठ को बताया कि रूप नगर में स्कूल हैं और दिल्ली सरकार ने पिछले वर्ष स्कूल से 75 मीटर के दायरे में पब खोलने की इजाजत प्रदान कर दी।
उनके मुवक्किल ने 27 मार्च को शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। बार के कारण लोग शराब पीकर लड़कियों व महिलाओं से छेड़छाड़ करते हैं।
इसके अलावा एमसीडी के उप-स्वास्थ्य अधिकारी एके रावत ने पास ही के गीता मंदिर के आसपास पान, तंबाकू आदि बेचने की इजाजत दे रखी है। जबकि मंदिर व स्कूल के आसपास 100 मीटर के दायरे में धूम्रपान व शराब पीने व बेचने पर रोक है।