पोती को अपनी हवस का शिकार बनाने वाले रिश्ते के दादा को दोषी करार देते हुए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कंचन माही की अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 1.10 लाख रुपये जुर्माना भी लगाया है।
महिला थाने में दर्ज मामले के अनुसार नहर पार एक कॉलोनी में रहने वाली 14 वर्षीय आठवीं कक्षा की छात्रा के पेट में दर्द होने पर 13 जुलाई 2016 को परिजनों ने एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया था।
जांच में पता चला कि किशोरी गर्भवती है। यह सुनते ही परिजनों के होश उड़ गए। उन्होंने किशोरी से पूछताछ की तो और भी ज्यादा चौंकाने वाली बात सामने आई। किशोरी ने बताया पिछले करीब एक साल से उसके दादा के भाई जोकि उनके साथ उसी मकान में रहते हैं दुष्कर्म कर रहे हैं।
किशोरी की मां जब भी किसी काम से बाहर जाती तो वह उसे अपनी हवस का शिकार बनाता था। मामला तब से अदालत में विचाराधीन था। बृहस्पतिवार को अदालत ने इसमें सजा सुनाई है।