एसीजेएम कोर्ट-8 की कोर्ट ने पत्नी को एफिडेविट पर तीन तलाक देने वाले पति समेत अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। महिला का आरोप है कि पहले उसका धर्म बदलवाकर शादी की। कुछ दिन बाद तीन बार तलाक बोलकर तलाक देने की बात कही। जब बात ऐसे भी नहीं बनी तो उसने एक एफिडेविट पर तीन तलाक लिखकर उसके धोखे से हस्ताक्षर करा लिए। महिला थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।
अधिवक्ता किरण पाल सिंह ने बताया कि उनकी मुवक्किल साहिबाबाद थाना क्षेत्र की एक गांव में रहती है। वह मोहननगर स्थित एक कंपनी में काम करती थी। जहां 2017 में उसकी मुलाकात एक युवक से हुई, जिसने अपना नाम पहले कुछ और बताया था। दोनों में दोस्ती हो गई, इस बीच युवक ने उसे शादी का झांसा देकर उससे शारीरिक संबंध बना लिए थे। इस बीच पता चला कि युवक दूसरे धर्म का व्यक्ति है, जिसके बाद उसने गाजियाबाद तहसील में आकर उसका धर्म परिवर्तन कराकर उससे उसी धर्म के अनुसार शादी कर ली।
शादी के बाद युवक उससे मारपीट करने लगा। आरोप है कि ससुराल पक्ष के लोग भी उससे मारपीट कर उसका उत्पीड़न करने लगे। महिला का आरोप है इस बीच पति ने उसे तीन बार तलाक बोला, लेकिन उसने घर नहीं छोड़ा। इसके बाद उसने अगस्त 2018 में एक 50 रुपये के एफिडेविट पर उसे तीन तलाक लिखकर दे दिया।
इसकी शिकायत उन्होंने कई बार एसएसपी और स्थानीय थाने में की, लेकिन पुलिस ने कोई सुनवाई नहीं की। इसके बाद पीड़िता ने पति समेत अन्य के खिलाफ कोर्ट में सीआरपीसी की धारा-156 (3) के तहत मुकदमा दर्ज कराने की याचिका दायर की। इस पर सुनवाई करने हुए अदालत ने महिला थाने को मामले में रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश दिया है।