अदालत ने भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी व आईआईटी दिल्ली के बीच करीब चार दशक से चल रहे वेतन विवाद में स्वामी के पक्ष में फैसला सुनाया है। अदालत ने आईआईटी दिल्ली को आदेश दिया है कि संस्थान स्वामी को 1969 से 1972 की अवधि में किए गए अध्यापन कार्य के वेतन का भुगतान करे। यह रकम करीब 40 लाख रुपये है।
साकेत जिला अदालत की अतिरिक्त जिला न्यायाधीश विनीता गोयल ने 8 फीसदी सालाना ब्याज के साथ यह रकम चुकाने का आदेश जारी किया है। भाजपा नेता स्वामी ने राजनीति में आने से पहले 1969 से 1972 तक तीन साल आईआईटी दिल्ली में अर्थशास्त्र पढ़ाया था।
हालांकि उन्हें संस्थान प्रशासन के साथ हुए विवाद के चलते उन्हें 1972 में बर्खास्त कर दिया गया था। अदालती फैसले के बाद उन्हें 1991 में बहाल किया गया था। पेश मामले में स्वामी का कहना था कि उन्हें राजनीति के चलते हटाया गया था।
इसलिए उन्हें उनके कार्य की बकाया राशि मिलनी चाहिए थी। स्वामी के वकील का तर्क था कि इस मामले में मानव संसाधन मंत्रालय ने भी दखल दिया था। केंद्रीय ने आईआईटी से कहा था कि वह इस विवाद का कोर्ट से बाहर निबटारा करने का प्रयास करे लेकिन संस्थान ने इससे इंकार कर दिया था।