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Delhi: हादसे में डॉक्टर की मौत, कोर्ट ने 1.54 करोड़ मुआवजा देने का दिया आदेश

Fri, 19 May 2023 07:51 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

अदालत ने बीमा कंपनी को 30 दिनों में मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं। ऐसा न करने पर 9 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से और ब्याज देना होगा। हादसे के वक्त मृतक की सैलरी 92 हजार से ज्यादा थी।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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अदालत ने बवाना में 2017 में सड़क हादसे में जान गंवाने वाले डॉक्टर के माता-पिता को 1.54 करोड़ का मुआवजा देने का आदेश दिया है। हादसा ट्रक के अचानक ब्रेक लगाने के बाद हुआ था। रोहिणी अदालत स्थित मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) की न्यायाधीश एकता गौबा मान ने मृतक डॉ. गुफरान (31) के माता-पिता, बीमा कंपनी जिसके साथ ट्रक का बीमा किया गया था की दलीलें सुनने के बाद मुआवजा देने का निर्देश दिया।

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गुफरान के माता-पिता नौमान आलम और मुसर्रत ने मुआवजे की मांग को लेकर 2018 में याचिका दायर की थी। अदालत ने याचिका पर विचार कर मृतक के माता-पिता को 1,54,09,000 रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया। कोर्ट ने तथ्यों और साक्ष्यों पर विचार करने के बाद बीमा कंपनी को याचिकाकर्ताओं को मुआवजा देने का निर्देश दिया। अदालत ने फैसले में कहा कि चालक व मालिक की गवाही पर अविश्वास करने के लिए कुछ भी सामग्री रिकॉर्ड में नहीं आई और इसलिए बीमा कंपनी अपने पक्ष में किसी भी वैधानिक बचाव को साबित करने में विफल रही। ऐसे में बीमाधारक को क्षतिपूर्ति करने और याचिकाकर्ताओं को मुआवजे के भुगतान के लिए उत्तरदायी है।

अदालत ने बीमा कंपनी को 30 दिनों में मां को मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं। ऐसा न करने पर 9 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से और ब्याज देना होगा। हादसे के वक्त मृतक की सैलरी 92 हजार से ज्यादा थी। गुफरान स्कूटी पर दोस्त के साथ जा रहा था। वहीं, चालक बाल्मिकी यादव ने लिखित बयान में दुर्घटना से इनकार किया था।

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