दिल्ली के लाजपत नगर में बहुमंजिला पार्किंग बनाने के बारे में सुझाव देने पर हो रही देरी को गंभीरता से लेते हुए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने मंगलवार को कहा, ‘आप हमारे आदेश के साथ खिलवाड़ नहीं कर सकते।’ ट्रिब्यूनल ने पीडब्ल्यूडी सचिव सहित अन्य प्राधिकरणों को नोटिस जारी करते हुए पूछा कि अदालत के आदेशों का पालन न करने पर उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई क्यों ने शुरू की जाए।
न्यायमूर्ति स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह टिप्पणी दिल्ली में वाहनों से होने वाले प्रदूषण के मामले पर सुनवाई करते हुए की। एनजीटी ने कहा, ‘दिल्ली की आबोहवा बहुत गंदी है। आपको अंदाजा भी है कि इससे अगले पांच सालों में गर्भस्थ शिशुओं और नवजातों की सेहत पर क्या असर पड़ेगा? अदालतों का मजाक उड़ाना बंद करें। हम यूं ही कोई आदेश जारी नहीं कर देते।’
ट्रिब्यूनल ने आगे कहा, ‘हमारे पास कई विशेषज्ञ हैं। हमने कोई चलताऊ आदेश नहीं दिया है। यह आदेश देने में हमने तीन महीने का वक्त लगाया।’ यह बात कोर्ट ने तब कही जब उन्हें बताया कि लाजपत नगर में बहुमंजिला पार्किंग की जगह तलाशने के लिए अभी तक इस मामले से जुड़े लोगों की बैठक नहीं बुलाई गई है। एनजीटी ने यह कहते हुए नगर निगम की भी खिंचाई की कि लाजपत नगर के दुकानदारों ने पार्किंग बनाने के लिए वर्ष 2006 में 120 करोड़ रुपये दिए थे और वह उसके ऊपर बैठी है।