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सात साल पहले मासूम के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के दोषियों की सजा पर कोर्ट 18 को सुनाएगी फैसला

Wed, 15 Jan 2020 04:38 PM IST
Abhishek Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोर्ट - फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)
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2013 में पांच साल की बच्ची के साथ सामूहिक दूष्कर्म मामले में कोर्ट 18 जनवरी को फैसला सुनाएगी। दरिंदगी के इस मामले में दो लोग आरोपित हैं। बता दें कि अप्रैल 2013 में पूर्वी दिल्ली के गांधी नगर इलाके में पांच साल की मासूम बच्ची से दुष्कर्म की घटना हुई थी। 

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निर्भया के दोषियों को फांसी में हो सकती है देरी
इधर, निर्भया के दोषियों को कोर्ट द्वारा फांसी की सनाए जाने के बावजूद फांसी देने में देरी हो सकती है। दरअसल दोषियों में से एक मुकेश सिंह ने पटियाला हाउस अदालत से जारी डेथ वारंट को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, जिसे सुनवाई के बाद अदालत ने खारिज कर दिया है। अब दोषी के वकील सत्र न्यायालय में डेथ वारंट के खिलाफ याचिका डालेंगे।

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा था कि आपको डेथ वारंट के खिलाफ या तो सुप्रीम कोर्ट जाना चाहिए था या फिर सत्र न्यायालय।अदालत की इसी बात पर गौर करते हुए दोषी मुकेश के वकील ने अपनी याचिका वापस ले ली, अब वह सत्र न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।
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बता दें कि दोषी के वकीलों ने अदालत से कहा था कि राष्ट्रपति के दया याचिका खारिज कर देने के बाद भी उसे 14 दिन का समय मिलता है। वहीं ये खबर भी है कि मुकेश ने राष्ट्रपति को दया याचिका भी भेजी थी, जिसे दिल्ली सरकार ने उपराज्यपाल को भेज दिया है। दिल्ली सरकार ने इसे खारिज करने का सुझाव दिया है।

आज अदालत में क्या-क्या हुआ
  • दोषी के वकील की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने मुकेश की याचिका खारिज कर दी और कहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने दोषियों की पुनर्विचार याचिका, क्यूरेटिव याचिका खारिज कर दी है और ट्रायल कोर्ट ने आदेश में कुछ भी गलती नहीं है। अगर दोषी चाहे तो वह सत्र न्यायालय में याचिका डाल सकता है।
  • दोषी की वकील ने कहा कि वह इस याचिका को वापस ले रही हैं ताकि वह नई याचिका डाल सकें।
  • दोषी की वकील जॉन ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने खुद कई बार जेल मैनुअल के नियम तोड़े हैं। उन्होंने ये भी बताया कि वह सेशन्स कोर्ट जाना चाहती हैं लेकिन इस अदालत से अपने मुवक्किल के लिए राहत भी चाहती हैं।

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