हाईकोर्ट ने सोमवार को कहा कि केंद्रीय माध्यमिक परीक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से परीक्षा में बैठने की पात्रता के संबंध में सतर्क रहने की उम्मीद है। अदालत ने कहा बोर्ड को एडमिट कार्ड जारी करने के बाद छात्र को हॉल में प्रवेश करने से रोकने का अधिकार नहीं है। जस्टिस हरिशंकर ने 10वीं की एक छात्रा को आज अंग्रेजी विषय की बोर्ड परीक्षा में बैठने की अनुमति देते हुए यह टिप्पणी की।
तत्काल याचिका मां के माध्यम से दायर की गई थी। उनका आरोप था कि बेटी को परीक्षा हॉल में उपस्थित होने की अनुमति दिए बिना प्रतीक्षा डेस्क पर इंतजार करने के लिए कहा गया था। अदालत ने कहा, प्रवेश से रोकना अकल्पनीय है। किसी को पहले प्रवेश पत्र जारी करना और जब परीक्षा देने आए तो उसे हॉल के बाहर खड़ा करना अमानवीय है।
सीबीएसई ने पिछले साल सितंबर में नोटिस जारी कर परीक्षा में शामिल होने के लिए आवेदन के साथ दिल्ली के निवासी होने का अधिवास प्रमाण पत्र अपलोड करने को कहा था। परीक्षा में शामिल होने के लिए अपना आवेदन पत्र अपलोड करते समय लड़की के पास अधिवास प्रमाण पत्र नहीं था।