अदालत ने आप विधायक व पूर्व कानून मंत्री सोमनाथ भारती पर घरेलू हिंसा मामले में मंगलवार को आरोप तय कर दिए। अदालत ने भारती पर दहेज प्रताडना, धोखाधड़ी व धमकी देने की धाराओं में आरोप तय किए हैं।
राउज एवेन्यू अदालत के विशेष न्यायाधीश अरुण भारद्वाज ने उपरोक्त धाराओं के अलावा सोमनाथ भारती पर महिला की सहमति के बिना गर्भपात कराने, घातक हथियार से चोट पहुंचाने तथा विश्वासघात की धाराओं में भी आरोप तय किए हैं।
अदालत ने सोमनाथ भारती को हत्या के प्रयास, अजन्मे बच्चे की मौत तथा अमानत में खयानत की धाराओं में आरोप मुक्त कर दिया है। दूसरी ओर अदालत ने अन्य आरोपी कपिल वाजपेयी, बने सिंह व नतीश को आरोपी को शरण देने की धाराओं में आरोप मुक्त कर दिया है। मामले की सुनवाई के दौरान सोमनाथ भारती कोर्ट में मौजूद नहीं थे।
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में पांच अप्रैल 2016 को सोमनाथ भारती व अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। पुलिस ने लिपिका मित्रा के आरोपों का हवाला देते हुए कहा कि भारती ने अपना कुत्ता डॉन को लिपिका पर छोड़कर उसकी व उसके गर्भ में पल रहे बच्चे का जीवन खतरे में डाल दिया था।
मालवीय नगर से आप विधायक भारती के खिलाफ उनसे अलग हो चुकी पत्नी लिपिका मित्रा ने जून 2015 को दिल्ली महिला आयोग में शिकायत दी थी। महिला आयोग के दखल के बाद दिल्ली पुलिस ने सोमनाथ भारती के खिलाफ नौ सितंबर 2015 को घरेलू हिंसा का मुकदमा दर्ज किया था।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर भारती ने पुलिस के समक्ष 29 सितंबर 2015 को सरेंडर किया था। आठ दिन की हिरासत के बाद भारती को 15 अक्तूबर 2015 को जमानत मिली थी।