अदालत ने बहुचर्चित धौलाकुआं सामूहिक दुष्कर्म के मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। द्वारका अदालत स्थित विरेंद्र भट्ट ने दोनों पक्षों की अंतिम जिरह सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया। अदालत ने कहा कि वे 22 सितंबर को फैसला देंगे।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 24 नवंबर 2010 की रात पीड़िता अपने दोस्तों के साथ कार्यालय से काम पूरा कर घर लौट रही थी। उसी दौरान आरोपी शमशाद, उस्मान उर्फ काले, शाहिद उर्फ छोटा बिल्ली, इकबाल उर्फ बड़ा बिल्ली और कमरूद्दीन उर्फ मोबाइल ने उसका अपहरण कर लिया। सभी नॉर्थ ईस्ट की लड़की को मंगोलपुरी ले गए और सामूहिक दुष्कर्म करने के बाद सड़क पर फेंक कर भाग गए।
पुलिस के अनुसार, पीड़िता के दोस्त एवं चश्मदीद गवाह ने अपहरण की सूचना पुलिस को दी। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों को मेवात क्षेत्र से गिरफ्तार किया था। अभियोजन पक्ष ने तर्क रखा कि सभी आरोपियों के खिलाफ प्राप्त साक्ष्य है और उन्हें कड़ी सजा प्रदान की जाए।
वहीं आरोपियों ने स्वयं को निर्दोष बताया है। ट्रायल के दौरान आरोपी कमरूद्दीन, शाहिद और इकबाल ने शिनाख्त परेड में शामिल होने से इनकार कर दिया था।
वहीं पीड़िता ने पहचान परेड में आरोपी शमशाद और उस्मान की पहचान की थी। इस घटना के बाद ही पुलिस ने दिल्ली और एनसीआर में सभी बीपीओ कर्मचारियों को रात की ड्यूटी के बाद घर तक छोड़ने का निर्देश दिया था।