पुलिस टीम ने मौके पर आंसू गैस के गोले दागे थे। वहीं, चार लोगों को गिरफ्तार किया था। वहीं, तहसीलदार की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने तत्कालीन विधायक नीलदमन खत्री, उनके साथी जोगिंदर दहिया समेत कुल छह लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किए।
छह गवाहों ने लिया विधायक का नाम
अदालत ने आदेश में कहा कि कुल छह गवाहों ने स्पष्ट तौर पर कहा कि, तत्कालीन विधायक खत्री और उनके साथी जोगिंदर दहिया ने लोगों को उकसाया और अतिक्रमण ढहाने के काम को रोकने के लिए कहा। पुलिस के भी चार गवाहों ने भी स्पष्ट तौर पर घटना का जिक्र किया। इसके अलावा वीडियो रिकार्डिंग और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य के आधार पर दोनों को दोषी ठहराया गया।
गंभीर चोट पहुंचाने के आरोपी को मिली जमानत
तीस हजारी कोर्ट ने गंभीर चोट पहुंचाने के एक आरोपी को जमानत दी है। सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि उसकी गिरफ्तारी ‘कानून का स्पष्ट उल्लंघन’ है। अवकाशकालीन न्यायाधीश नीरज शर्मा आरोपी की जमानत याचिका पर सुनवाई कर रहे थे। आरोपी को 20,000 रुपये की जमानत राशि और इतनी ही राशि के एक जमानतदार की जमानत पर रिहा किया गया। अदालत ने 27 दिसंबर को आदेश में कहा कि पुलिस के 7 दिसंबर को नोटिस देने के बाद आरोपी जांच में शामिल हो गया। कानून के अनुसार जांच अधिकारी की तरफ से उसी दिन बिना किसी विशेष कारण के उसे गिरफ्तार नहीं किया जा सकता। आरोपी तरुण पर वजीराबाद पुलिस ने गंभीर चोट पहुंचाने के तहत मामला दर्ज किया था।
बिना पहचान पत्र के एचआईवी पॉजिटिव ट्रांसवुमन का इलाज करंे : हाईकोर्ट
हाईकोर्ट ने लोकनायक अस्पताल को एक एचआईवी पॉजिटिव ट्रांसवुमन का पहचान पत्र मांगे बिना इलाज करने का निर्देश दिया है। साथ ही अदालत ने उसकी याचिका पर दिल्ली सरकार और केंद्र को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। न्यायमूर्ति संजीव नरूला ने केंद्र को यह बताने का निर्देश दिया कि क्या उसे पुनर्वास के लिए कोई कौशल प्रशिक्षण दिया जा सकता है। साथ ही संबंधित अधिकारियों को उसकी स्वास्थ्य स्थिति और दिल्ली में गिरते तापमान को ध्यान में रखते हुए उसके लिए उपयुक्त आश्रय खोजने को कहा। याचिकाकर्ता ने आश्रय के लिए कई गैर सरकारी संगठनों से संपर्क किया था, लेकिन पहचान प्रमाण न होने के कारण उसे अस्वीकार कर दिया गया। अगली सुनवाई 9 जनवरी होगी।