भीड़ का मकसद ही सिख समुदाय के लोगों की हत्या करना था। दोनों दोषी हरदेव व अवतार की हत्या करने वाली भीड़ के सक्रिय सदस्य थे। यह तल्ख टिप्पणी अदालत ने 34 साल पुराने सिख दंगों में दो लोगों की हत्या के मामले में फैसला सुनाते हुए की।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अजय पांडेय ने फैसले में कहा कि भीड़ के नारों व जिस तरह से इस अपराध को अंजाम दिया गया, उससे साफ है कि दंगाई भीड़ ने जान बूझकर सामूहिक मंशा से हरदेव सिंह व अवतार सिंह की हत्या की।
अदालत ने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष नरेश सेहरावत व यशपाल सिंह के खिलाफ आरोपों को संदेह से परे साबित करने में कामयाब रहा है। चश्मदीद गवाहों संगत सिंह व कुलदीप सिंह, गवाह सुरजीत सिंह व एसआई जयपाल सिंह के बयानों से साफ है कि यह दोनों दंगा करने वाली भीड़ का हिस्सा थे।