सांसद राशिद इंजीनियर की हिरासत पैरोल की मांग वाली याचिका खारिज
उधर, पटियाला हाउस कोर्ट ने सोमवार को जम्मू-कश्मीर के सांसद राशिद इंजीनियर की संसद सत्र में भाग लेने के लिए हिरासत पैरोल की याचिका खारिज कर दी। उन्होंने अपनी याचिका में 10 मार्च से 4 अप्रैल तक सत्र में भाग लेने की अनुमति मांगी थी। इंजीनियर की ओर से पेश वकील विख्यात ओबेरॉय और निशिता गुप्ता ने तर्क दिया कि उनके मुवक्किल को कोई खतरा नहीं है और उन्हें पहले भी कस्टडी पैरोल दी जा चुकी है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश चंद्रजीत सिंह ने याचिका खारिज कर दी।
वकील ने कहा कि उन्हें पहले भी कस्टडी पैरोल दी गई थी और इसे तीन बार बढ़ाया गया था। उन्हें कश्मीर जाने और चुनाव प्रचार करने के लिए अंतरिम जमानत दी गई थी। सुरक्षा व्यवस्था के मुद्दे पर वकील ने कहा कि जेल सुरक्षाकर्मी उन्हें संसद तक ले जाएंगे और वहां छोड़ देंगे। उन्होंने कहा कि सादे कपड़ों में सुरक्षाकर्मी अंदर जा सकते हैं। वकील ने तर्क दिया कि अगर वह वहां जाते हैं तो कोई बाधा नहीं होगी। वह हिरासत पैरोल पर संसद में भाग ले सकते हैं। वकील ने कहा कि उनके मुवक्किल नई दिल्ली के कैसे खतरा बन सकता है, जबकि वह कश्मीर के लिए खतरा नहीं थे। उन्होंने तर्क दिया कि पिछले सत्र में उन्हें 11 और 13 फरवरी को दो दिनों के लिए हिरासत पैरोल दी गई थी।
एनआईए ने याचिका का किया विरोध:राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि हिरासत में रहते हुए इंजीनियर को संसद में उपस्थित होने का कोई वैधानिक अधिकार नहीं है। एनआईए ने पहले पैरोल के दौरान फोन सुविधाओं के दुरुपयोग के उदाहरणों को भी उजागर किया। उन्होंने कहा कि सुरेश कलमाड़ी मामले में कानून तय है और जब तक वे हिरासत में हैं, उन्हें संसद में जाने का कोई वैधानिक अधिकार नहीं है।