दिल्ली की अदालत ने तिहाड़ जेल प्रशासन को नौकरानी की हत्या मामले में आरोपी पूर्व बसपा सांसद धनंजय सिंह की पत्नी डॉक्टर जागृति सिंह के स्वास्थ्य संबंधी सभी दस्तावेज 14 अक्तूबर को पेश करने के निर्देश दिया है।
अदालत ने यह निर्देश तब दिया, जब बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने कहा था कि जेल प्रशासन शुक्रवार को उन्हें चेकअप के लिए एम्स लेकर जाएगा। डॉ. जागृति सिंह ने गॉल ब्लैडर में पथरी होने का हवाला देते हुए सर्जरी करवाने के लिए अंतरिम जमानत मांगी थी।
पटियाला हाउस अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश लोकेश कुमार शर्मा के समक्ष बृहस्पतिवार को सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता प्रमोद दुबे ने कहा कि एम्स के डॉक्टरों ने जागृति को दोबारा चेकअप के लिए 6 अक्तूबर को बुलाया था, लेकिन जेल अधिकारी उसे नहीं ले जा सके। अब 10 अक्तूबर को एम्स लेकर जाना है।
बचाव पक्ष ने कहा कि एम्स के डॉक्टर 29 सितंबर को एम्स के डॉक्टरों जागृति की जांच के बाद रिपोर्ट अदालत में भेज चुके हैं। एक अक्तूबर को भी जागृति की जांच हुई थी, उसकी रिपोर्ट अभी आनी बाकी है। अदालत ने शनिवार को जागृति की जांच एम्स में कराने का निर्देश जेल प्रशासन को दिया था।
एम्स के चिकित्सा अधीक्षक ने जागृति सिंह की जांच रिपोर्ट में कहा था कि जागृति के गॉल ब्लैडर में पथरी है जोकि धीरे धीरे टूट रही है। जेल प्रशासन ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि एम्स में जागृति का इलाज किया जा रहा है।