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Delhi NCR News: लूटपाट मामले में कोर्ट ने दो आरोपियों को किया बरी

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चार लोगों पर पिस्टल के बल पर डेढ़ लाख रुपये से भरा बैग लूटने का था आरोप
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अदालत ने शस्त्र अधिनियम के तहत मुकदमा चलाने का दिया आदेश

संवाद न्यूज एजेंसी

नई दिल्ली। कड़कड़डूमा कोर्ट ने दस साल पुराने लूटपाट मामले में शाहबुद्दीन और रहीसू नामक दो आरोपियों को बरी कर दिया है। अदालत ने कहा कि गवाहों की ओर से न्यायिक पहचान परेड (टीआईपी) में दोनों आरोपियों की पहचान न कर पाना, उनके खिलाफ लूट के आरोप को संदेहास्पद बनाता है। हालांकि, अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कुमार रजत की अदालत ने दोनों आरोपियों पर शस्त्र अधिनियम के तहत मुकदमा चलाने का आदेश दिया है।
यह मामला नंद नगरी थाने में दर्ज प्राथमिकी से जुड़ा है। शिकायतकर्ता मनीष गुप्ता ने आरोप लगाया था कि 10 जनवरी 2015 को चार लोगों ने पिस्टल के बल पर उनसे डेढ़ लाख रुपये से भरा बैग लूट लिया था। पुलिस ने घटना की शिकायत के बाद रहीसू और शाहबुद्दीन समेत चार लोगों को आरोपी बनाया। हालांकि, दो अन्य सह-आरोपी समीर और शाहनवाज को पहले ही अदालत ने बरी कर दिया था।
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बचाव पक्ष के अधिवक्ता मनीष भदौरिया ने तर्क दिया कि आरोपियों को झूठा फंसाया गया है और उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है। शिकायतकर्ता मनीष गुप्ता और एक अन्य गवाह प्रवीण कुमार न्यायिक पहचान परेड में आरोपियों की पहचान करने में विफल रहे। साथ ही, न तो कोई सीसीटीवी फुटेज और न ही कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) आरोपियों को अपराध से जोड़ पाया। अदालत ने यह भी माना कि आरोपी रहीसू से बरामद दस हजार रुपये की राशि पर कोई विशेष निशान नहीं था और न ही शिकायतकर्ता ने उस रकम को पहचाना।
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इस आधार पर अदालत ने दोनों आरोपियों को आईपीसी की धारा 392, 397 और 34 से बरी कर दिया है। हालांकि, दोनों आरोपियों से देसी कट्टा और कारतूस बरामद होने का मामला सामने आया। इस आधार पर अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्टया उनके खिलाफ शस्त्र अधिनियम की धारा 25 के तहत मुकदमा बनता है। इसलिए केस फाइल को संबंधित मजिस्ट्रेट कोर्ट के पास भेज दिया गया है। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश होने का निर्देश दिया गया है।
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