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गर्भवती की डिलीवरी को लेकर सर्जरी में 2 घंटे लेट पहुंची डॉक्टर, मृत बच्चा हुआ पैदा, मामला दर्ज

Mon, 13 May 2019 10:18 PM IST
राजेश सैनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : dailystar.co.uk
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ग्रेटर नोएडा के एक दंपति ने सेक्टर 49 पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि गर्भवती की डिलीवरी कराने डॉक्टर दो घंटे लेट पहुंची, इसी चलते उसे मृत बच्चा पैदा हुआ। दंपति ने इसके लिए सीधे तौर पर डॉक्टर को जिम्मेदार ठहराया है।   

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टीओआई की रिपोर्ट के मुताबिक मामला क्लाउडिन अस्पताल से जुड़ा है। दंपति ने आरोप लगाया है कि डिलीवरी करने वाली डॉक्टर प्रतिभा सिंघल सर्जरी में 2 घंटे देरी से पहुंचीं। इसके बाद दंपति ने 4 अप्रैल को राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) के पास मामले को लेकर शिकायत दर्ज कराई। इस संबंध में आयोग ने सात दिनों के भीतर जिला मजिस्ट्रेट से रिपोर्ट मांगी है। आयोग के अनुसार, डीएम को 9 मई तक रिपोर्ट देनी थी, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं आया है। 

अंकित ने बताया कि उसकी पत्नी ने डिलीवरी की नियत तारीख को पार कर लिया था। रात के लगभग 9:30 बजे, श्वेता को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। इसके बाद मैंने तुरंत उस डॉक्टर से बात की जो मेरी पत्नी का इलाज कर रही थी। उन्होंने कहा सबकुछ सामान्य है। लेकिन मैंने उनसे अस्पताल आने की गुजारिश की, लेकिन अस्पताल में कोई डॉक्टर इलाज के वक्त मौजूद नहीं था।
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अंकिन ने बताया, जब हम अस्पताल पहुंचे, तो एक जूनियर डॉक्टर ने मेरी पत्नी की जांच की और सुबह 10.15 बजे उन्होंने कहा कि मां और बच्चा दोनों ठीक हैं और हमें डॉक्टर का इंतजार करने के लिए कहा। अंकित ने कहा कि उनकी पत्नी को सुबह 11.30 बजे तक लावारिस छोड़ दिया गया था। इसके बाद दोपहर को मेरी पत्नी ने एक मृत बच्चे को जन्म दिया।

इस मामले में डॉक्टर सिंघल और जूनियर डॉक्टर रितिका शर्मा के खिलाफ आईपीसी की धारा 304 ए (लापरवाही के कारण मौत) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। वहीं डॉक्टर सिंघल का कहना है कि उनकी ओर से किसी तरह की लापरवाही नहीं हुई। पूरी बात इतनी तेजी से हुई कि हम इसे नियंत्रित नहीं कर सके। सुबह 10.30 बजे तक मां की दिल की धड़कन ठीक थी, लेकिन सुबह 11.30 बजे अचानक यह तेजी से धीमी पड़ गई। ऐसे केस में लगभग 30-40% मौतें होती हैं।

अस्पताल के एक प्रवक्ता ने बताया हमने सभी अधिकारियों से मामले की जानकारी ली है। मरीज का बिना देरी किए इलाज किया गया था।

डीएम बीएन सिंह ने कहा कि वह इस मामले से अनजान थे। उन्होंने कहा मुझे NCPCR के पत्र के बारे में भी नहीं पता। हालांकि, मैं जल्द ही इस मामले को लेकर रिपोर्ट दर्ज कर जांच कराउंगा।

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