पुलिस ने अगवा बच्चे को परिजन को सौंपा
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शादी के चार साल बीत जाने के बाद भी संतान नहीं होने पर एक दंपती ने दो माह के बच्चे को अगवा कर लिया। आरोपी दंपती ने बच्चे को छिपाने में अपने एक सहयोगी और उसकी पत्नी की मदद ली, लेकिन आदर्श नगर थाना पुलिस सीसीटीवी कैमरों की मदद से घटना के 16 घंटे बाद ही मुख्य आरोपी तक पहुंच गई और घटना में शामिल उसकी पत्नी समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बच्चे को सकुशल छुड़ा लिया। मुख्य आरोपी पर चोरी के चार मामले दर्ज हैं।
जिला पुलिस उपायुक्त विजयंता आर्या ने बताया कि बृहस्पतिवार को केवल पार्क में रहने एक दंपती ने अपने दो माह के बच्चे के अगवा होने की शिकायत आदर्श नगर थाने में की। महिला ने बताया कि वह घरों में साफ सफाई करती है, जबकि पति चौकीदारी करते हैं। वह अपने पति और तीन बच्चों के साथ रहती है। बृहस्पतिवार तड़के तीन बजे उन लोगों ने देखा कि उनका दो माह का बच्चा गायब है। पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर थाना प्रभारी एमपी सैनी के नेतृत्व में जांच शुरू की।
पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला। एक फुटेज में आरोपी बच्चे को ले जाते हुए दिख गया। उसकी पहचान सुरेंद्र महतो के रूप में हुई। पुलिस ने आरोपी के फोटो से उसकी पहचान करवाकर उसे भलस्वा डेयरी से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने बताया कि बच्चे को अपने सहयोगी के हवाले कर दिया है। पुलिस ने भलस्वा डेयरी से ही उसके सहयोगी राहुल को गिरफ्तार कर लिया। दोनों ने बताया कि बच्चा उनकी पत्नियों के पास है। पुलिस ने भोपुरा बॉर्डर (गाजियाबाद) के पास सुरेंद्र की पत्नी सिनू पेमा और राहुल की पत्नी पिंकी को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि सुरेंद्र की शादी को चार साल हो गए हैं, लेकिन उसकी कोई संतान नहीं है। इस वजह से दंपती परेशान थे। बच्चे के लिए उन्होंने साजिश रची।