एक महिला पर एसिड फेंकने के मामले में एक शख्स व उसकी पत्नी को दोषी ठहराते हुए 11 साल कैद की सजा सुनाई है। पीड़िता ने इस शख्स से तीन साल पहले शादी करने का प्रस्ताव ठुकरा दिया था। पीड़िता ने कहा था कि राधे व उसकी पत्नी देह व्यापार में शामिल थे और उसे इसमें धकेलना चाहते थे।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सतेंद्र कुमार गौतम ने राधे व उसकी पत्नी अनीता को एसिड फेंककर अंग भंग करने व अन्य धाराओं में दोषी ठहराते हुए 11 साल कैद व एक-एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। यह राशि पीड़िता को मुआवजे के तौर पर दी जाएगी।
अभियोजन के मुताबिक जिस समय पीड़िता पर हमला हुआ तब उसकी आयु महज 20 साल थी। उसके पिता की मुलाकात राधे से 2005 में हरिद्वार में कांवड़ यात्रा में हुई थी।
राधे ने उसके पिता से कहा था कि वह मूलरूप से नैनीताल का रहने वाला है और अपनी पत्नी के साथ गाजियाबाद में किराए के मकान में रहता है। कांवड़ यात्रा से लौटते समय राधे व पीड़िता के पिता ने एक दूसरे के नंबर लिए थे। ।