इसके साथ ही विभिन्न वेबसाइट से नौकरी और निवेश के इच्छुक लोगों का डाटा निकालकर फोन करते थे। उन्हें भी निवेश पर चार से छह गुना लाभ कमाने का झांसा देकर निवेश कराते थे। हर तीन से चार महीने बाद आरोपी मोबाइल नंबर बंद कर भाग जाते थे और दूसरी जगह पर ऑफिस खोल लेते थे। एसीपी अमित प्रताप का कहना है कि इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है और पूरे नेटवर्क के बारे में पता किया जा रहा है।
नोएडा से गोवा तक कर चुके हैं जालसाजी
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कई शहरों में दफ्तर खोलकर ठगी की बात कही है। आरोपियोंं ने दिल्ली, गोवा, बरेली और नोएडा से लेकर अन्य शहरों में यूडिवो मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के दफ्तर खोले थे। इन दफ्तर में लोगों से संपर्क कर निवेश कराने का झांसा दिया जाता था।
हर दो से तीन माह में कर्मचारियों को हटा देते थे
गिरफ्तार पति पत्नी शातिराना तरीके से फर्जीवाड़ा कर रहे थे। सुनहरे भविष्य और जल्दी अमीर बनने का सपना दिखाकर युवाओं को झांसे में लेते थे। दोनों के खिलाफ बरेली,नोएडा और दिल्ली में अलग-अलग धाराओं में पांच मुकदमे दर्ज हैं। पूछताछ में बताया कि ये आरोपी अपने दफ्तर में कर्मचारियों को दो से तीन महीने तक ही रखते थे। इसके बाद उन्हें हटा देते थे। कर्मचारियों को 12 से 20 हजार रुपये का वेतन दिया जाता था।