देश भर में 48 हजार ग्रामीण बीपीओ (बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग) खोले जाएंगे। उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक 8000, जबकि हरियाणा को 1000 यूनिटें अलॉट की गई हैं।
यह जानकारी संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने सोमवार को बीएसएनएल द्वारा आयोजित कार्यक्रम में दी।
उन्होंने कहा कि बीपीओ केवल बड़े शहरों तक सीमित होकर रह गए हैं। इसे अब गांवों तक ले जाने के लिए सरकार ने नियम बनाए हैं। इसके तहत शुरुआती चरण में ये यूनिटें अलॉट की गई हैं।
ग्रामीण क्षेत्र में मनरेगा, ग्रामीण बैंक को ग्रामीण बीपीओ में बदला जाएगा। इनमें से यदि 50 प्रतिशत बीपीओ भी कामयाब हो जाते हैं तो इससे देश की तस्वीर बदल जाएगी। यह डिजिटल इंडिया, स्किल्ड इंडिया तथा मेक इन इंडिया का नमूना होगा।
मंत्रालय ने राज्यों की जरूरत और वहां के परिवेश को ध्यान में रखकर ग्रामीण बीपीओ के लिए मंजूरी दी है। बिहार में 4400, मध्यप्रदेश में 3500 और महाराष्ट्र में 4500 ग्रामीण बीपीओ की स्वीकृति दी गई है। इसके लिए केंद्र सरकार अनुदान भी देगी।
रवि शंकर प्रसाद ने बताया कि गुड़गांव बीपीओ का मॉडल है, लेकिन इसे अब हरियाणा के गांवों तक जाना है। गांवों की प्रतिभा को निखारने के लिए ट्रेनिंग सेंटर भी खोले जाएंगे, ताकि गांवों में डिजिटल इंडिया के साथ रोजगार का लाभ मिलेगा।