फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खुशखबरी: बनेगा देश का सबसे बड़ा साइकिल पथ, ये होंगी खासियतें

Sat, 04 Jan 2020 10:45 PM IST
Abhishek Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
Cycle Track - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

डीडीए साइकिल चालकों के लिए देश का सबसे बड़ा साइकिल ट्रैक बनाने की तैयारी में है। इस परियोजना के तहत दिल्ली के सभी आवासीय क्षेत्रों के नजदीक वाले जंगलों को जोड़ा जाएगा। इसके निर्माण में जंगल में रहने वाले जानवरों की सुरक्षा भी ध्यान में रखी जाएगी। इस पर लोगों को वॉशरूम, चाय, कॉफी, साइकिल मरम्मत और साइकिल पार्किंग की सुविधाएं भी मिलेंगी। छह जनवरी (कल) को गृह मंत्री अमित शाह तुगलकाबाद में दिल्ली साइकिल वॉक परियोजना की नींव रखेंगे। डीडीए के मुताबिक, करीब 550 करोड़ की लागत से यह परियोजना चार साल में पूरी होगी।

विज्ञापन


परियोजना का उद्देश्य दिल्ली को सबसे ज्यादा चलने योग्य और साइकिल चलाने के अनुकूल शहर बनाना है। इससे लाखों लोग साइकिलों पर किफायती सफर कर सकेंगे। सरकार को उम्मीद है कि इसके पूरा होने के बाद दिल्ली की सड़कों से कारें कम हो जाएंगी। यह ईको मोबिलिटी प्रोजेक्ट होगा।

परियोजना के तहत डीडीए दिल्ली के सभी वन क्षेत्रों को जोड़ेगा। इससे शहर के भीतर एक मजबूत वन पारिस्थितिक तंत्र बनेगा। इससे जानवरों के सड़कों पर आकर मरने पर भी रोक लगेगी। इस ट्रैक के रूट पर आने वाले जंगलों की कई उपेक्षित व लुप्त हो चुकी झीलों को पुनर्जीवित किया जाएगा। इससे झीलों से सटे हुए क्षेत्रों में जल संचयन प्रणाली सुधरेगी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

ये होंगी खासियतें

  • ऑन-ग्रेड साइकिल वॉक ट्रैक : मास्टर प्लान के हरित क्षेत्रों के भीतर साइकिल चलाने योग्य ट्रैक बनाकर व्यावसायिक जिलों, कार्यालयों, स्कूलों, कॉलेजों, मेट्रो स्टेशनों को जोड़ा जाएगा।
  • 2.4 मीटर चौड़ाई : इस साइकिल ट्रैक की चौड़ा 2.4 मीटर होगी। 2.4 मीटर चौड़ाई वाला पैदल मार्ग होगा। इनके बीच में 1 मीटर हरित पट्टी होगी।
  • ऑरिजन-डेस्टिनेशन प्लाजा : दिल्ली साइकिल वॉक नियंत्रित ट्रैक होगा। इसमें आवासीय क्षेत्रों के निकट सुरक्षित प्रवेश प्वाइंट होंगे। कार्यस्थलों और स्कूलों आदि के पास निकास मार्ग होंगे। ट्रैक में प्रवेश के इन बिंदुओं को ऑरिजन डेस्टिनेशन प्लाजा कहा जाएगा।
  • मिलेंगी सुविधाएं : ट्रैक का प्रयोग करने वाले लोगों के लिए यहां वॉशरूम, चाय, कॉफी, साइकिल मरम्मत, साइकिल पार्किंग आदि की सुविधाएं होंगी।
  • भूमिगत अंडरपास : सड़कों द्वारा काटे गए जंगलों को लॉन बनाकर जोड़ा जाएगा। जानवरों के दूसरी ओर जाने के लिए सड़क के नीचे अंडरपास होंगे।
  • जलभराव से बचाएंगी झीलें : इस ट्रैक के जरिये लोग साइकिल पर एक से दूसरे जंगल में निर्बाध आ-जा सकेंगे। निचले क्षेत्रों में जलभराव की समस्या के समाधान के लिए छोटी झीलें भी बनाई जाएंगी।
  • लगेंगे सीसीटीवी कैमरे : ट्रैक पर लोगों की सुरक्षा के मद्देनजर हर 100 मीटर पर एक सीसीटीवी कैमरा लगा होगा। इसकी निगरानी केंद्रीकृत स्टेशन करेगा।
  • सोलर लाइट : साइकिल ट्रैक पर सोलर लाइटें लगाई जाएंगी। ये रात के समय ट्रैक पर उजाला करेंगी।
  • सबसे लंबा साइकिल ट्रैक : यह ट्रैक 200 किमी से लंबा होगा। पहले फेज में 36 किमी ट्रैक का निर्माण होगा।
  • फिलहाल बनेंगी तीन लाइनें : इस ट्रैक पर पहली लाइन नीलगाय लाइन होगी। यह बदरपुर से मालवीय नगर मेट्रो स्टेशन को 20.5 किमी के दायरे में जोड़ेगी। दूसरी लाइन पिकॉक मालवीय नगर मेट्रो स्टेशन से वसंत कुंज मॉल को 8.5 किमी के दायरे में जोड़ेगी। तीसरी लाइन बुलबुल चिराग दिल्ली से नेहरू प्लेस और इस्कॉन मंदिर को जोड़ेगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें