अवस्थापना निधि को जारी कराने के लिए कमीशन के तौर पर नगर विकास मंत्री आजम खां को डिमांड ड्राफ्ट भेजना निगम पार्षदों को भारी पड़ सकता है।
शासन ने इस पर गोपनीय जांच शुरू करा दी है। माना जा रहा है कि ड्राफ्ट को भेजने वाले पार्षदों पर कार्रवाई हो सकती है। हालांकि कोई भी अधिकारी फिलहाल जांच शुरू होने की पुष्टि नहीं कर रहे हैं।
लेकिन नगर निगम से शुरू हुई इस चर्चा के बाद से पार्षदों में हड़कंप मचा है। सोमवार को निगम पार्षद जांच के संबंध में जानकारी लेते रहे।
करीब तीन साल से अटके अवस्थापना फंड को रिलीज कराने के लिए निगम पार्षदों ने 22 सितंबर 30 सितंबर 2014 तक कलक्ट्रेट में आंदोलन किया था। पार्षदों का कहना था कि अवस्थापना फंड कमीशन के चक्कर में रिलीज नहीं किया जा रहा।
उन्होंने कलक्ट्रेट में जूता पॉलिश कर, भीख मांगकर 5650 रुपये जुटाकर डिमांड ड्राफ्ट के जरिए यह पैसा नगर विकास मंत्री को भेजा था। इसके साथ भेजे एक पत्र में पार्षदों ने कहा था कि अवस्थापना फंड रिलीज करने के लिए कमीशन मांग रहे अधिकारियों के लिए यह पैसा भेजा जा रहा है।
चर्चा है कि इस मामले में नगर विकास मंत्री ने गोपनीय जांच शुरू करा दी है कि इस यह ड्राफ्ट किस पार्षद ने बनवाया था और इसे भेजने वाले पार्षद कौन है।
नगर आयुक्त भी इससे अनभिज्ञता जता रहे हैं। वहीं डीएम विमल कुमार शर्मा का कहना है कि ऐसी किसी जांच के आदेश नहीं मिले हैं।
जांच की चर्चा दो दिन से चल रही है। लेकिन पुष्टि नहीं हो रही हैै। नगर विकास मंत्री पर कोई टिप्पणी नहीं की थी। अगर कार्रवाई हुई तो आंदोलन होगा। - राजीव भाटी, पार्षद दल नेता, कांग्रेस