दिल्ली विधानसभा भंग होने से सभी दलों के पार्षदों के चेहरों पर मुस्कान आ गई है। वे निरंतर दुआ कर रहे थे कि सरकार का गठन नहीं हो और विस भंग हो जाए। जिससे उनको भी चुनाव लड़ने का मौका मिल सके।
दरअसल, करीब तीन दर्जन से अधिक पार्षद चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं और ये पिछले दो माह से सरकार के गठन की प्रक्रिया पर नजर गड़ाए हुए थे। डेढ़ दर्जन पार्षद पिछला विस चुनाव हार गए थे, अन्य करीब दो दर्जन पार्षदों को टिकट नहीं मिला था।
पिछले चुनाव में 25 पार्षदों ने विभिन्न दलों के टिकट और निर्दलीय के तौर पर चुनाव लड़ा था। इनमें सात जीते थे। पिछला चुनाव हारे 18 पार्षदों के अलावा दो दर्जन से अधिक भाजपा, कांग्रेस, बसपा व आम आदमी पार्टी के पार्षदों के समक्ष एक बार फिर चुनाव लड़ने का अवसर मिलने की उम्मीद जग गई है।
चुनाव लड़ने की चाहत वाले पार्षद
भाजपा पार्षद आजाद सिंह, रजनी अब्बी, सुशीला देवी, पूर्णिमा विद्यार्थी, श्याम शर्मा व खुशीराम पिछली बार भांति चुनाव लड़ने की मंशा पाले हुए हैं जबकि सतीश उपाध्याय, योगेंद्र्र चंदोलिया, सुभाष आर्य, मीरा अग्रवाल, सरिता चौधरी, आशीष सूद, पंकज सिंह, रेखा गुप्ता, विजय प्रकाश पांडेय, राजपाल राणा, प्रवेश वाही, वीरेंद्र बब्बर, नरेश बाल्याण, कुलदीप सोलंकी, शैलेंद्र्र मोंटी, सतेंद्र चौधरी आदि फिर टिकट मांगने की सोच रहे हैं।
वहीं पिछला चुनाव हारे कांग्रेस अमृता धवन, वीरेंद्र कसाना व जाकिर खान के अलावा फरहाद सूरी, मुकेश गोयल, सतबीर शर्मा, रमेश दत्ता, तिलोतमा चौधरी, अभिषेक दत्त, अंजू सहवाग आदि भी इस बार फिर चुनाव लड़ने के लिए टिकट मांगने वालों में शामिल हैं। आम आदमी पार्टी में देशराज राघव के अलावा सहीराम पहलवान, इमरान हुसैन, रघुवीर शौकीन आदि चुनाव लड़ने के लिए शामिल हो चुके हैं।