अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के तत्कालीन डिप्टी डायरेक्टर एडमिनिस्ट्रेशन (डीडीए) और वर्तमान में हिमाचल प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव विनीत चौधरी के कार्यकाल की जांच कर एम्स सीवीओ ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए थे।
जांच रिपोर्ट के मुताबिक डीडीए ने गलत जानकारी देकर सरकार का आर्थिक नुकसान किया था। लॉग बुक में डीडीए की कार के दो वर्ष तक रोजाना औसतन 144 किमी चलने की बात कही गई थी। जो जांच के दौरान गलत पाई गई।
यही नहीं डीडीए ने अपने कार्यालय के नवीनीकरण पर 19 लाख रुपये से अधिक खर्च किए जबकि स्वास्थ्य मंत्री को पांच लाख रुपये खर्च होने की जानकारी दी गई।
एम्स के सीवीओ रहे संजीव चतुर्वेदी ने अपनी जांच रिपोर्ट में बताया था कि जून-2010 से अगस्त-2012 तक डीडीए की कार प्रति दिन औसतन 144 किमी नहीं चली थी, गलत तरीके से इस दूरी को लॉग बुक में भरा गया था।