विद्युत वितरण खंड अष्टम जेवर में तैनाती के दौरान विभाग के कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार, आय से अधिक संपत्ति रखने, लाइन बदलने जैसे आरोप लगाकर शिकायत की गई थी। मामले में अवर अभियंता का नाम आने के बाद ऊर्जा मंत्री ने जांच के आदेश दिए हैं। इस पर अधीक्षण अभियंता नोएडा ने अधिशाषी अभियंता से मामले की जांच कर रिपोर्ट सौंपने को कहा है।
मथुरा के नौहझील निवासी पंकज कुमार शर्मा ने प्रदेश के ऊर्जा मंत्री को शिकायत देते हुए आरोप लगाया कि जेवर में तैनाती के दौरान प्रभारी अवर अभियंता टीजी-2 महेंद्र पाल शर्मा ने विभाग में भ्रष्टाचार कर कस्बे में कई प्लॉट, दो लग्जरी गाड़ियां, दो मार्बल के शोरूम आदि एकत्र किए हैं। साथ ही अवैध तरीके से गोविंदगढ़ और कानीगढ़ी गांव में लाइन बदलवाने के आरोप लगाए हैं।
मामले में दोषी पाए जाने पर अवंर अभियंता समेत 4 जेई और 1 एसडीओ का तबादला मुजफ्फरनगर कर दिया गया। वहीं, आरोप हैं कि अवर अभियंता की गलत तरीके से साक्ष्य छुपाते हुए पदोन्नति भी की गई है। ऊर्जा मंत्री ने शिकायतों को संज्ञान में लेकर प्रबंध निदेशक मेरठ को जांच के लिए आदेशित किया। मुख्य अभियंता ने अधिशाषी अभियंता समेत दो सदस्यीय टीम को जांच सौंपते हुए एक सप्ताह के अंदर रिपोर्ट मांगी है।
वहीं, शिकायतकर्ता का आरोप है कि अवर अभियंता ने जेवर में तैनाती के दौरान करोड़ों रुपये की संपत्ति विद्युत विभाग को नुकसान पहुंचाते हुए एकत्रित की है। दूसरे शिकायतकर्ता रमेशचंद्र शर्मा का आरोप है कि लाइन बदलवाने में विभाग को करीब 1.2 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। जांच में विभाग ने दोषी पाए जाने के बाद भी आरोपियों का स्थानांतरण कर मामले में लीपापोती कर दी गई।