जनता के कामों में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर नजर रखने को प्राधिकरण परिसर में कुल 68 कैमरे लगेंगे। इस काम में करीब 50 लाख रुपये खर्च होंगे।
दरअसल, प्राधिकरण से नक्शा पास कराने, ट्रांसफर मेमोरंडम या कंपलीशन सर्टिफिकेट लेने आदि कार्यों में आम जनता के पसीने छूट जाते हैं। कई मामलों में छह माह से कंपलीशन सर्टिफिकेट नहीं मिल पाता।
इसकी शिकायत आला अफसरों तक पहुंचती रहती है। घूस लिए जाने की बात भी आए दिन सामने आती रहती है। इसलिए हर विभाग में सीसीटीवी कैमरा लगाने का निर्णय लिया गया है जिससे काम में पारदर्शिता आ सके।