दिल्ली में रिकॉर्ड तोड़ संक्रमित मरीज मिलने के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने यह स्वीकार कर लिया है कि राजधानी में कोरोना की तीसरी लहर आ चुकी है, लेकिन डरने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार मॉनिटरिंग कर रही है।
वहीं, अब तक इससे इंकार कर रहे स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने भी कहा कि तीसरी लहर का असर दिखाई देने लगा है। केजरीवाल ने कहा कि पिछले कुछ समय से दिल्ली में कोरोना के मामले काफी बढ़े हैं। इसे तीसरी लहर कहा जा सकता है।
इसको लेकर एक रिव्यू मीटिंग गुरुवार को होगी। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में बेड की कोई कमी न हो, इसके लिए भी लगातार तैयारी की जा रही है। साथ ही उनकी सरकार हाईकोर्ट के उस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जा रही है, जिसमें उसने प्राइवेट अस्पतालों में 80 फीसदी आईसीयू बेड रिजर्व रखने के लिए कहा था। हाईकोर्ट ने इस पर रोक लगा दी थी।
वहीं, स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि तीसरी लहर के अलावा आक्रामक कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग से भी आंकड़े बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना के खिलाफ पिछले 15 दिनों में अपनी योजना पर फोकस किया है। संक्रमित मरीजों के संपर्क में आने वालों की पहचान के लिए सरकार आक्रामक रूप से निगरानी कर रही है, जिसका परिणाम है कि ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं।
इससे पहले स्वास्थ्य मंत्री कह रहे थे कि दिल्ली में कोरोना की जांच बढ़ी है इसलिए मरीज ज्यादा मिल रहे हैं। पिछले हफ्ते की जांच के आंकड़ों को देखें तो 59 हजार सैंपल की जांच में एक सप्ताह पहले तक चार हजार मरीज मिल रहे थे जबकि बीते मंगलवार को इतनी ही जांच में साढ़े छह हजार से ज्यादा संक्रमित मरीज मिले हैं।
मंत्री जैन ने यह भी कहा कि पहले संक्रमण घनी आबादी में मिल रहा था, लेकिन अब यह उच्च और मध्यम वर्गीय परिवारों में ज्यादा मिल रहा है। सरकारी अस्पतालों के सवाल पर उन्होंने कहा कि जिन लोगों के पास स्वास्थ्य बीमा की सुविधा है वह सबसे पहले निजी अस्पताल की ओर ही रुख करते हैं। अस्पताल सरकारी हो या प्राइवेट, हर जगह उपचार एक समान है।