- 9 मार्च को इटली से आए यात्रियों की चपेट में आकर गाइड संक्रमित हुआ। वह दिल्ली में रहता है। लेकिन, मूलरूप से नोएडा निवासी है।
- 17 मार्च को दो लोगों में वायरस की पुष्टि हुई। इसमें एक फ्रांस से लौटी महिला और दूसरा फेज-2 स्थित एक कंपनी का कर्मचारी है, जो विदेश से आए निदेशक के संपर्क में आकर संक्रमित हुआ।
- 18 मार्च को इंडोनेशिया से लौटे एक युवक में स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना की पुष्टि की।
- 21 मार्च को ग्रेटर नोएडा में दुबई से आए एक युवक और नोएडा में फ्रांस से आए एक युवक में पुष्टि हुई।
- 22 मार्च को स्वास्थ्य विभाग ने ग्रेनो वेस्ट में डेनमार्क से लौटे एक युवक और उसकी मां में संक्रमण की पुष्टि की।
- 24 मार्च को नोएडा की लॉजिक्स ब्लॉसम सोसाइटी निवासी 47 वर्षीय महिला और उसका पति इंग्लैंड से आए ऑडिटर के संपर्क में आकर संक्रमित हुए। वहीं, ग्रेटर नोएडा जीटा- 1 की एटीएस सोसाइटी में रहने वाला युवक में भी वायरस की पुष्टि हुई।
- 26 मार्च को भी लॉजिक्स ब्लॉसम सोसाइटी निवासी संक्रमित महिला से उसकी बेटी संक्रमित हुई। सेक्टर-150 स्थित ऐस गोल्फशायर सोसाइटी में युवक भी इंग्लैंड से आए ऑडिटर के संपर्क में आकर संक्रमित हुआ और उससे संक्रमण उसकी पत्नी में पहुंच गया।
- 27 मार्च को जिले में तीन लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई। सेक्टर-137 स्थित पारस टीयरा सोसाइटी निवासी मां और बेटी में पुष्टि हुई। जबकि ग्रेटर नोएडा की ओमीक्रॉन सोसाइटी निवासी व्यक्ति भी संक्रमित मिला। तीनों सीजफायर कंपनी के ऑडिटर के संपर्क में आए थे।
- 28 मार्च को 9 लोगों में वायरस की पुष्टि हुई। इसमें 5 लोग ऑडिटर से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से संक्रमित हुए।
- 29 मार्च जिले में 6 लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई। सभी इंग्लैंड से आए ऑडिटर से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से संपर्क में आए थे।
- 30 मार्च को छह पॉजिटिव मरीज सामने आए। इसमें 5 सीजफायर कंपनी में काम करने वालों के परिजन हैं और एक ग्रेनो के घोड़ी बछ़ेडा निवासी 21 वर्षीय युवक है।
- 01 अप्रैल को 10 लोगों में कोरोना की पुष्टि के साथ आंकड़ा 48 तक पहुंच गया। इनमें 8 सीजफायर कंपनी के बताए जा रहे हैं।
कोरोना के बढ़ते मरीजों के कारण शहर में वेंटिलेटर समेत अन्य उपकरणों की मांग बढ़ रही है। हालांकि, अब तक जितने मरीज भर्ती हैं, उनके इलाज में वेंटिलेटर की आवश्यकता नहीं है।
विभाग के अनुसार, जिले में कुल 177 वेंटिलेटर हैं। इनमें से अधिकतर चल रहे हैं। इन वेंटिलेटरों पर पहले से कुछ गंभीर मरीज है। कोरोना के चलते कुछ वेंटिलेटर को रिजर्व रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि अभी किसी भी संक्रमित मरीज को वेंटिलेटर की जरूरत नहीं पड़ी है। आवश्यकता के अनुसार वेंटिलेटर का प्रयोग किया जाएगा।