26 अप्रैल को अक्षय तृतीया के दिन सुबह 5.45 से दोपहर 12.19 तक साल का सबसे शुभ मुहूर्त है। इस तिथि को उन्हें 8 लोगों के विवाह का निमंत्रण मिला था। लॉकडाउन के कारण यह सभी विवाह टाल दिए गए हैं।
विवाह टलने से ना केवल उन लोगों का नुकसान हुआ है जिनका विवाह होना था, बल्कि व्यापारियों, बैंड वालों शादी मंडप वालों और उससे जुड़े बहुत से लोगों का मिलाकर करोड़ों रुपयों का नुकसान हुआ है।
जगतपुरी की रीना ने बताया अक्षय तृतीया के मौके पर उनके बेटे सोमिल का विवाह तय हुआ था। बरातघर, बैंड बाजे और गानों की बुकिंग हो चुकी थी लेकिन विवाह टल जाने के कारण उनके पैसे जगह-जगह पर फंस गए हैं। लगभग ऐसी ही हालत पांडव नगर के विश्व कपूर की भी है। जिनका विवाह अक्षय तृतीया को होना था।
कनॉट प्लेस स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर के पुजारी पंडित सुरेश और पंडित बृजेश कुमार मिश्रा के अनुसार अक्षय तृतीया के बाद स्थिति में सुधार होने लगेगा। कोरोना का असर भी कम होने लगेगा। इन्होंने बताया कि 27 दिसंबर को संपूर्ण सूर्य ग्रहण लगने के बाद से ही हवा में सूक्ष्म जीवाणु हावी होने लगे थे।
पंचांग में भी इसकी व्याख्या की गई है। सूर्य ग्रहण के बाद से ही शनि का राहु से मेल हो गया था। शनि का स्थान इंसान की नाक और मुंह है। इसके कारण मनुष्य पर कोरोना का प्रभाव बढ़ गया।
अब 14 अप्रैल को सूर्य मेष राशि में और बृहस्पति मकर राशि में प्रवेश करेंगे। इसके बाद 26 अप्रैल को बुध और सूर्य का मेल होगा जिससे आदित्य योग बनेगा। इसके बाद सुख-समृद्धि वापस लौटेगी।