महाराष्ट्र में पुणे के 25 गांव और उनके 81 बाशिंदे एक महिला की लापरवाही की सजा भुगत रहे हैं। पुणे के वेल्हे तहसील स्थित पानशेत परिसर के 25 गांवों में संक्रमित आंगनबाड़ी सेविका के आने-जाने से कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा पैदा हो गया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने 81 लोगों को होम क्वारंटीन के लिए अलग-अलग कमरे में बंद कर दिया है।
कोविड-19 से संक्रमित 41 वर्षीय महिला आंगनबाड़ी सेविका है। उसने मुंबई से वाशी और पुणे के वेल्हे तहसील के वरसगांव का सफर किया था। जिला स्वास्थ्य अधिकारी भगवान पवार के मुताबिक आंगनवाड़ी सेविका इस महिला में कोरोना वायरस के लक्षण दिखाई दिए थे। इसके बाद उसे पुणे-सातारा मार्ग स्थित भारती अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
पवार के बताया कि महिला मूलतः पुणे की निवासी है, लेकिन काम के सिलसिले में पानशेत बांध के पास स्थित वरसगांव में आया-जाया करती है। इस महिला ने कई जगह की यात्राएं की हैं। इसके चलते अभी तक यह नहीं पता चल पाया कि उसे कोरोना वायरस का संक्रमण कैसे हुआ।
गांव में कंटेनमेंट जोन तैयार किया गया
अधिकारी ने बताया कि हमने वरसगांव में कंटेनमेंट जोन तैयार किया है। बताया गया कि महिला 48 ग्राम पंचायतों में गई थी और महिलाओं से मिली थी। इसके मद्देनजर 25 गांवों के
81 लोगों को होम क्वारंटीन कर हाथों में सील लगाकर उनके घर में बैठाया गया है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार उनपर नजर रख रही है। सुरक्षा की दृष्टि से पानशेत जाने वाली सड़क को बंद कर दिया गया है।