झंडेवालान मंदिर के प्रमुख अधिकारी नन्दकिशोर सेठी ने अमर उजाला को बताया कि मंदिर में प्रवेश से पहले हर भक्त की थर्मल स्कैनिंग होगी। इसके अलावा सभी भक्तों को सैनिटाइजर दिया जाएगा, जिससे वे अपना हाथ वायरस के संभावित संक्रमण से मुक्त कर सकेंगे।
इसके पहले दर्शन के बाद लोगों को भंडारा खिलाने की परंपरा भी चली आ रही थी, लेकिन 25 मार्च से शुरू हो रहे नवरात्र में इस बार भक्तों को भंडारा प्रसाद नहीं मिलेगा। मंदिर के प्रशासकों और सेवादारों के परिवारों के लिए भी यह प्रसाद नहीं उपलब्ध होगा।
मंदिर में केवल सेवा कार्य में लगे लोगों को ही प्रसाद मिल सकेगा। ऐतिहासिक झंडेवालान मंदिर में नवरात्रों के समय प्रतिदिन लाखों की संख्या में भक्त देवी के दर्शन के लिए आते हैं। सभी भक्तों की थर्मल स्कैनिंग की जाएगी और सबको हाथ धुलना अनिवार्य होगा।
देश में कोरोना वायरस का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। अब तक कोरोना से पीड़ितों की संख्या 125 तक पहुंच गई है। इससे दो लोगों की मौत भी हो चुकी है। हालांकि इससे 13 पीड़ित लोगों का सफल इलाज कर दिया गया है।