गाजियाबाद के एमएमजी अस्पताल के हेल्प डेस्क से एक युवक को भगाने का मामला सामने आया है।युवक की शिकायत पर सीएमओ ने अस्पताल के सीएमएस से स्पष्टीकरण मांगा है। कोरोना हाईरिस्क देशों से लौटकर आए लोगों के लिए एमएमजी अस्पताल और संयुक्त अस्पताल में हेल्प डेस्क बनाई गई हैं। जहां पर कोरोना संदिग्ध मरीज अन्य मरीजो के संपर्क में आने की जगह आइसोलेशन में बनाए गए हेल्प डेस्क पर जाकर डॉक्टर्स से परामर्श ले सकते हैं।
मंगलवार को एक युवक और युवती हेल्प डेस्क पर परामर्श लेने पहुंचे। युवक छह मार्च को यूके से लौट कर आया है। फिलहाल तो वह होम आइसोलेशन में रह रहा है लेकिन दो दिनों से उसे खांसी आ रही है। जिस कारण वह हेल्प डेस्क पर डॉक्टर से मिलने पहुंचा। उन्होंने बताया कि जैसे ही डॉक्टर्स को उनके बारे में पता चला उनके साथ बहुत बुरा व्यवहार किया गया। अभद्र भाषा में उनसे दूर बैठने को कहा गया।
जिसके बाद उन्हें सीएमओ से मिलने की सलाह देकर वहां से भेज दिया गया। जिसके बाद वह सीएमओ कार्यालय पहुंचे। वहां से उन्हें जिला अस्पताल भेजा गया। युवक-युवती ने आरोप लगाया कि हेल्प डेस्क पर उन्हें किसी तरह की कोई सहायता नहीं दी गई लेकिन उनके साथ बहुत बुरा व्यवहार किया गया।
हेल्प डेस्क पर मरीजो के नहीं मिल रही कोई सहायता
शिकायत मिली है कि जिला एमएमजी और सयुंक्त अस्पताल में कोरोना संदिग्धों के लिए जो हेल्प डेस्क बनाई गई हैं वहां पर मरीजों को कोई मदद नहीं मिल रही है। बल्कि डेस्क पर आने वालों के साथ बदसलूकी की जा रही है साथ ही परेशान भी किया जा रहा है। कोरोना हेल्प के लिए जो नंबर जारी किए गए हैं उन पर भी संदिग्धों और उनके परिवार वालो को कोई संतुष्टिजनक जवाब नहीं दिया जा रहा है, बल्कि उन्हें होम आइसेलेशन में रहने की सलाह दी जा रही है। और कहा जा रहा है कि टीम हर जगह नहीं पहुंच सकती, समय मिलने पर टीम आपके घर पहुंचेगी। इस तरह की शिकायतें मिलने के बाद सीएमओ ने दोनों अस्पताल के सीएमएस और कंट्रोल रूम प्रभारी से जवाब मांगा है।
अस्पताल में नहीं हैं मास्क और सैनिटाइजर
सयुंक्त अस्पताल में मास्क और सैनिटाइजर की कमी हो गई है अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड और कोरोना हेल्प डेस्क पर भी सैनेटाइजर और मास्क नहीं हैं। अस्पताल का स्टाफ भी इस बारे में खुलकर कुछ कहने को तैयार नहीं है। वहीं अस्पताल के सीएमएस डॉ. नरेश विज ने कहा कि मास्क और सैनेटाइजर की कमी है लेकिन जहां पर जरूरत है वहां ये दोनों चीजें रखवाई गई हैं। मास्क और सैनेटाइजर मंगवाए जा रहे हैं। तो वहीं जिला एमएमजी के सीएमएस डॉ. रविंद्र राणा का कहना है कि मास्क और सैनेटाइजर की कोई कमी नहीं है। लेकिन फिर भी दोनों चीजे मंगवाई गई हैं।