हैरत की बात यह है कि जिला स्वास्थ्य विभाग जिलेे से सामने आई कोरोना वायरस की इकलौती मरीज को भी बेहतर इलाज उपलब्ध नहीं करा सका। सूत्रों के मुताबिक बेहतर इलाज न मिलने पर बिना बताए महिला सेक्टर-10 नागरिक अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड से चली गई। महिला का इलाज शहर के ही एक निजी अस्पताल में चल रहा है।
सेक्टर-9 निवासी महिला के सैंपल लेकर दिल्ली स्थित एनसीडीसी में कराई गई जांच में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई थी। जबकि दोबारा जांच के लिए महिला का सैंपल नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बायोलॉजी पुणे (महाराष्ट्र) भेजा गया था।
राज्य के स्वास्थ्य महानिदेशक सूरज भान कम्बोज ने बताया कि विदेश यात्रा से लौटने के बाद उसके नमूने पुणे के राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान में जांच के लिए भेजे गए थे, जिसकी रिपोर्ट में उसे कोविड-19 होने की पुष्टि हुई।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक कोरोना से पीड़ित महिला हाल ही में मलयेेशिया की यात्रा से लौटी है। इसकी जानकारी होते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम ने यात्रा करने वाले अन्य लोगों का भी पता लगाने लगी।
राज्य के स्वास्थ्य महानिदेशक सूरज भान कम्बोज ने बताया कि हरियाणा से अभी तक 66 लोगों के नमूने जांच के लिए भेजे जा चुके हैं। स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि इनमें से एक के वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है जबकि 54 में ऐसे कोई लक्षण नहीं थे। बाकियों की रिपोर्ट आनी बाकी है।
कोरोना वायरस प्रभावित देशों की यात्रा करने वाले 2,957 लोगों को पृथक वार्ड में रखा गया है। कुल 2,992 लोग पृथक वार्ड में हैं। राज्य सरकार पहले ही स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालयों को 31 मार्च तक बंद रखने की घोषणा कर चुकी है। सिनेमा घर, जिम, नाइट क्लब भी एहतियाती तौर पर 31 मार्च तक बंद हैं।